नई दिल्ली : केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और बाबुल सुप्रियो सहित सत्तापक्ष के कई सांसदों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नजर मोबाइल फोन पर होने संबंधी तस्वीर सामने आने के बाद उन पर तंज कसते हुये इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किये जाने के बाद संसद भवन परिसर में सिंह ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति महोदय जब अगले पांच साल के लिये देश के विकास का रोडमैप पेश कर रहे हों तब कोई सांसद, जो खुद को गंभीर नेता कहता है, और वह गंभीर न हो तो इससे बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता है।''

उन्होंने कहा कि देश यह देख रहा है कि कौन कितना संजीदा है। सुप्रियो ने दावा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष के रवैये से साबित हो गया है कि उनकी रुचि अभिभाषण में नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी अभी भी देशहित के विषयों पर संजीदा नहीं हैं।

केन्द्रीय मंत्री आर के सिंह ने राहुल गांधी के रवैये को संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बारे में कड़े शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहता हूं, लेकिन यह जरूर कहूंगा कि कम से कम प्रत्येक सदस्य को राष्ट्रपति की बात गंभीर होकर सुनना चाहिये। संसदीय आचरण इस बात की अपेक्षा तो करता ही है।''

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भाजपा सांसद किरण खेर ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के गैरसंजीदा रवैये के कारण की उनकी पार्टी का चुनाव में ये हश्र हुआ है। अगर राहुल गांधी मोबाइल फोन के बजाय जनता के हित में मशगूल होते तो जनता के हाथों ऐसी करारी हार नहीं होती। खेर ने कहा, ‘‘अगर आप खुद सम्मान पाना चाहते हैं तो आपको भी संस्थाओं और उनमें आसीन व्यक्तियों का सम्मान करना होगा।''

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान राहुल गांधी की नजर मोबाइल फोन पर होने की तस्वीर सामने आई है। सदन के भीतर और बाहर यह चर्चा का विषय रहा।