कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पिछले दिनों दो जूनियर डॉक्‍टरों की पिटाई के बाद शुरू हुई डॉक्‍टरों की हड़ताल ने अब देशव्‍यापी रूप अख्तियार कर लिया है। वहीं दूसरी तरफ अब शिक्षकों ने भी अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन करना शुरु कर दिया है। शिक्षकों ने आज कोलकाता के बिकास भवन में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने उच्च वेतन और अन्य मांगों के साथ विरोध प्रदर्शन किया।

कोलकाता के साल्ट लेक क्षेत्र में मयूख भवन द्वीप पर शिक्षकों और पुलिस के बीच झड़प की बात भी सामने आई है।

एसएसके, एमएसके और एएस के शिक्षक सोमवार को शिक्षा मंत्री से मिलने बिकास भवन जा रहे थे। तभी पुलिस ने शिक्षकों को मयूख भवन द्वीप पर जाने से रोक दिया। जिसके बाद शिक्षकों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। शिक्षकों ने जब बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दी। माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने रविवार को अपने रुख में नरमी दिखाते हुए बैठक का स्थान तय करने का निर्णय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर छोड़ दिया है। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह बैठक मीडिया की मौजूदगी में हो तथा इसकी रिकॉर्डिंग की जाए।

समझा जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय के बगल में स्थित एक सभागार में सोमवार को बैठक करने पर सहमति जताई है। राज्य सरकार के एक सूत्र ने बताया, “मुख्यमंत्री कल बैठक करने पर राजी हुई हैं। हमने प्रत्येक मेडिकल कॉलेज अस्पताल से दो प्रतिनिधियों को बुलाया है।” हालांकि उन्होंने बताया कि बनर्जी बैठक स्थल के भीतर मीडिया की मौजूदगी के प्रस्ताव पर “सहज” नहीं हैं।

सूत्र ने कहा, “बैठक या तो सभागार में हो सकती है या मुख्यमंत्री के कार्यालय में। हमने यह संदेश जूनियर डॉक्टरों तक पहुंचा दिया है।” बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों को बंद कमरे में बैठक के लिये आमंत्रित किया था, लेकिन उन्होंने उनकी इस पेशकश को ठुकरा दिया था।

अपने संचालन मंडल की ढाई घंटे चली बैठक के बाद जूनियर डॉक्टरों के संयुक्त मोर्चा के प्रवक्ता ने मीडिया से कहा, ‘‘हम लोग इस गतिरोध को दूर करने के इच्छुक हैं। हम मुख्यमंत्री के साथ उनकी पसंद की जगह पर बैठक के लिये तैयार हैं, लेकिन बैठक बंद कमरे में नहीं बल्कि मीडियाकर्मियों की मौजूदगी में खुले में होनी चाहिए।''

प्रवक्ता ने कहा कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों से प्रतिनिधि बैठक में शामिल हो सकें, इसके लिये बैठक स्थल पर पर्याप्त जगह होनी चाहिए। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने जोर दिया था कि मुख्यमंत्री एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल आयें।

उन्होंने कहा, ‘‘आम जनता के हित के लिये हम लोग भी जल्द से जल्द ड्यूटी पर लौटना चाहते हैं बशर्ते पर्याप्त एवं तर्कपूर्ण चर्चा के माध्यम से हमारी सभी मांगों को पूरा किया जाये।'' प्रवक्ता ने कहा, “हमें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री समस्याओं को सुलझाने के विचार के साथ आएंगी।