नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को कहा कि कश्मीर घाटी में अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस के भीतर विदेश में फंड जुटाने व उसके इस्तेमाल को लेकर मतभेद है। एनआईए ने अपने बयान में मुस्लिम लीग नेता मसरत आलम का हवाला दिया, जिसने एनआईए अधिकारियों से कहा कि पाकिस्तान समर्थित एजेंट ने विदेश से धन एकत्र किया और हवाला ऑपरेटर्स के जरिए जम्मू एवं कश्मीर भेजा।

मसरत आलम घाटी में पत्थबाजों का तथाकथित पोस्ट बॉय था। इसे कट्टवादी हुर्रियत नेता सैयद शाह गिलानी सहित अलगाववादी नेताओं को स्थानांतरित किया। गिलानी, पाकिस्तान में जम्मू एवं कश्मीर के विलय का समर्थन करते हैं। बयान में कहा गया, "मसरत आलम ने यह भी खुलासा किया कि हुर्रियत कांफ्रेंस में फंड का इस्तेमाल व इसके संग्रह के संदर्भ में मतभेद है।"

मसरत आलम को अलगाववादी नेताओं शब्बीर शाह, आसिया अंद्राबी के साथ व जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक को कश्मीर घाटी में हिंसा की जांच के संबंध में गिरफ्तार किया गया था।

पूछताछ के दौरान एनआईए ने कहा कि उसने शब्बीर शाह का सामना विभिन्न होटलों में उसके निवेश के साक्ष्य के साथ व पहलगाम में व्यापार के साथ व जम्मू,श्रीनगर व अनंतनाग में संपत्तियों से कराया गया।

बयान में कहा गया कि उसे पाकिस्तान स्थित एजेंटों व हुर्रियत के प्रतिनिधियों के पैसे स्थानांतरित करने के साक्ष्य भी दिखाए गए।

इसमें कहा गया, "उसका सामना उसके कुछ निजी कर्मचारियों व सहयोगियों से कराया गया, जिन्होंने फंड जुटाने के स्रोत के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है।"

एनआईए ने कहा कि अंद्राबी ने स्वीकार किया है कि वह विदेशी स्रोतों से दान व धन जुटा रही थी और उसका संगठन दुखतारन-ए-मिल्लत घाटी में मुस्लिम महिलाओं के प्रदर्शन का आयोजन कर रहा था।

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एनआईए ने कहा, "अंद्राबी का मलेशिया में उसके बेटे के 2011 के बाद शैक्षिक खर्चो के लिए फंड विदेशी प्रेषण के जरिए जहूर (अहमद शाह) वटाली द्वारा किए जाने से सामना कराया गया।" एनआईए वटाली को हवाला के मुख्य वाहकों में से एक बताता है, जो पाकिस्तान से फंड जुटाता है व प्राप्त करता है।

एनआईए ने जमात-उद-दावा, दुखतारन-ए-मिल्लत, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन व जम्मू एवं कश्मीर के दूसरे अलगाववादी समूहों के खिलाफ फंड जुटाने को लेकर 20 मई 2017 को एक मामला दर्ज किया।

एनआईए ने 13 आरोपियों पर इस संदर्भ में आरोपपत्र दाखिल किया है। इसमें अलगाववादी नेता, हवाला वाहक व पत्थरबाज शामिल हैं।