नई दिल्ली: राजस्थान की एक अदालत में गाय की पेशी ने सबको हैरान किया है। गाय आखिर इंसानों की जुबान में गवाही तो दे नहीं सकती। बावजूद इसके गाय को कोर्ट में जज साहब के सामने हाजिर किया गया।

दरअसल गाय के मालिकाना हक को लेकर जोधपुर कोर्ट में एक मामला चल रहा था। ओम प्रकाश और श्याम सिंह नाम के दो शख्स गाय पर अपना हक जता रहे थे। मसला बड़ा नहीं लेकिन पेचीदा जरूर था। आखिरकार जज साहब ने कहा कि गाय को कोर्ट में लाया जाय। फिर तो आनन फानन में लॉरी में सवार कर गाय को कोर्ट में लाया गया।

ऐसा नहीं कि इस मामले में गाय की पहली पेशी हुई थी। इससे पहले भी बीते साल कोर्ट परिसर में गाय को लाया गया था। पीठासीन अधिकारी ने खुद गाय का मुआयना किया था। साथ ही दोनों ही पक्षकारों को कहा गया था कि गाय के पास खड़े हों, उन्हें सहलाएं और थोड़ा घुमाएं। ताकि पीठासीन अधिकारी ये समझ सकें कि गाय का भावनात्मक लगाव किस पक्ष के लिए है।

हालांकि इस बार भी गाय से कुछ पूछताछ तो नहीं हो सकी और न ही गाय ने अपनी तरफ से कोई गवाही दी। हां, उसके हाव भाव ने इतना जरूर जता दिया कि उसका झुकाव ओम प्रकाश की तरफ है।

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आखिरकार तमाम सुबूतों और बयानों के आधार पर गाय को ओम प्रकाश के सुपुर्द कर दिया गया। वर्षों का विवाद निपटने के बाद दोनों ही पक्षकारों ने चैन की सांस ली। हालांकि इस लंबी कानूनी लड़ाई के दरम्यान गाय अब उम्रदराज हो चुकी है।

क्या है केस हिस्ट्री

हम आपको बताते हैं इस मामले के दोनों पक्षकारों के बारे में। साथ ही ये भी बताते हैं कि आखिर ये मामला शुरू कैसे हुआ। श्याम सिंह पेशे से टीचर हैं। जबकि ओम प्रकाश कॉन्सटेबल। मंडोर इलाके के रहने वाले दोनों पक्षकारों ने वर्षों पहले गाय पर अपना मालिकाना हक जताते हुए थाने में एक दूसरे के खिलाफ शिकायत की थी। थानाधिकारी ने इसे मामूली विवाद मानकर अपने स्तर पर सुलझाने की कोशिश की। दोनों ही पक्ष नहीं मानें तो मामला कोर्ट तक पहुंच गया।

पूरी अदालती कार्रवाई के दौरान दोनों ही पक्षों ने तरह तरह की अजीबोगरीब दलीलें दी। तमाम दांव पेंचों के बाद अब ये मामला सुलझा है तो इसकी खूब चर्चा हो रही है।