अब मनचलों और महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों को सावधान रहना होगा, क्योंकि मुरदाबाद के इंजीनियरिंग के छात्रों ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसी सैंडल बनाई है, महिलाओं व युवतियों से छेड़छाड़ करने वालों को बेहोश करने के अलावा इसकी खबर पुलिस तक पहुंचाती है। सैंडल में जीएसएम सिम, जीपीएस, दो पिन और ऑर्डिनो लगा है। सैंडल में दो पिन से लगा करंट छेड़छाड़ करने वालों को क्षणों में बेहोश कर देगा।

इंजीनियरिंग के छात्रों द्वारा बनाए गए खास डिवाइस वाली इस सैंडिल को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केवल पुलिस, प्रशासन और सरकार ही नहीं बल्कि युवाओं में भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है। यही वजह है कि समय-समय पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए नए-नए गैजेट्स और उपकरण बनाए जा रहे हैं।

छात्रों ने अपने इस प्रोजेक्ट का नाम ' दि फ्लाइंग कॉप एंड विमेन डिफेंस सिस्टम' रखा है। सैंडल में एक बटन लगा हैस, जिसे दबाते ही पुलिस को छेड़छाड़ से जुड़ी सूचना पहुंच जाएगी। बताया जाता है कि इस सैंडल में जीएसएम सिम, जीपीएस, ऑर्डिनो के अलावा दो पिन लगे हुए हैं। इसका मतलब सैंडल में लगा पूरा सिस्टम सीधे पास के थाने से लिंक रहेगा।

इमर्जेन्सी में अगर सैंडल पहनी युवती या महिला जैसे ही अपने सैंडल में लगा बटन दबाएगी तो सैंडल से दो पिन बाहर निकल आएंगे और इन पिनों से निकलने वाला करंट छेड़छाड़ करने वाले व्यक्ति को बेहोश कर देंगा। दूसरी तरफ, सैंडल में लगा जीपीएस एक्टिव हो जाने से पुलिस को तुरंत लोकेशन का पता चल जाएगा।

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इस प्रोजेक्ट को तैयार करने वाले इंजीनियरिंग छात्र दिवाकर शर्मा ने बताया कि उसे अपनी बहन की सुरक्षा की चिंता थी और उसी चिंता से उसमें यह प्रोजेक्ट बनाने का आइडिया आया। इसके बाद दिवाकर ने अपने प्रोफेसरों और साथियों से इसको लेकर चर्चा की और उस प्रोजेक्ट को तैयार करने में करीब डेढ़ साल का वक्त लगा।