नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान राफेल डील का मुद्दा सियासी गलियारों में गरमाता रहा। लगातार विपक्ष के नेता इस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी पार्टी पर हमलावर होते रहे हैं। लेकिन इसी कड़ी में चुनाव थमने के बाद भी फ्रांस से यह खबर आ रही है कि कुछ अज्ञात तत्वों के द्वारा भारतीय राफेल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम में घुसपैठ की कोशिश की गई और इस घटना को लेकर भारतीय वायुसेना अलर्ट हो गई है।

इस साल भारतीय बेड़े में शामिल होने वाले राफेल विमान डील को लेकर देश में जहां लंबे समय से राजनीतिक भूचाल बना रहा, वहीं फ्रांस में राफेल से जुड़ी भारतीय टीम के ठिकाने में घुसपैठ की कोशिश की गई।

सूत्रों के मुताबिक रविवार रात फ्रांस की राजधानी पेरिस के एक उपनगर में भारतीय एयरफोर्स राफेल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम के ठिकाने में घुसपैठ की कोशिश की गई। इस कोशिश के बाद भारतीय वायुसेना अलर्ट हो गई है। इस संबंध में और जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है।

इसे भी पढ़ें :

राफेल मामला : चंद्रबाबू बोले- ऐसे तरीकों से मीडिया को चुप कराने की कोशिश कर रही मोदी सरकार

राफेल के पहले ये विमान खरीद सकती है भारत सरकार, ये है खासियत

फ्रांस में भारतीय वायुसेना की टीम की अगुवाई ग्रुप कैप्टन रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं, जिनका काम 36 राफेल विमान के निर्माण और भारतीय अधिकारियों की ट्रेनिंग पर नजर रखना है। सूत्रों की मानें तो एयर फ्रांस ने इस घटना के बारे में पहले ही भारतीय रक्षा मंत्रालय को सूचित कर दिया है। भारतीय वायुसेना इस हरकत के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने की कोशिश में लगी है।

भारत के लिए राफेल विमान दसॉल्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी तैयार किए जा रहे हैं। अगले 5 वर्षों में फ्रांस 36 राफेल विमान भारत को देगा।शेष राफेल विमान पहली डिलीवरी के अगले 25 महीनों में देने हैं। भारत ने फ्रांस के साथ जिन 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया है उसकी पहली खेप इस साल सितंबर में आनी है।

पिछले साल सितंबर में भारतीय वायुसेना की 6 सदस्यीय टीम ने फ्रांस के दसॉल्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का दौरा किया था। इस दौरान वायुसेना के डिप्टी चीफ एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार ने पहले भारतीय राफेल कॉम्बैट एयरक्रॉफ्ट पर उड़ान भी भरी थी।