नई दिल्ली: विपक्ष को चुनाव आयोग का बड़ा झटका लगा है। चुनाव आयोग ने विपक्षी पार्टियों की वीवीपैट पर्चियों के 50 फीसदी मिलान की मांग को ठुकरा दिया है। चुनाव आयोग ने दावा किया है कि वीवीपैट पर्चियों की गिनती से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

बता दें कि चुनाव आयोग ने आज बैठक कर इस बारे में विचार किया। हालांकि इस दौरान चुनाव आयोग के बाहर प्रदर्शन भी किए जाते रहे। पुलिस ने बल प्रयोग कर रिवॉल्यूशन पार्टी के कार्यकर्ताओं को चुनाव आयोग के बाहर प्रदर्शन करने से रोका।

लोकसभा चुनाव के तहत देश भर में 542 संसदीय सीटों के लिए डाले गए मतों की गिनती बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे शुरू होगी। पहली बार ईवीएम गणना के साथ मतदाता सत्यापित पेपर ऑडिट पर्चियों (वीवीपैट) का कुछ हद तक मिलान किए जाने के कारण, देर शाम तक परिणाम आने की संभावना है।

यह भी पढ़ें:

EVM विवाद में कांग्रेसी सांसद ने सुप्रीम कोर्ट पर उछाला कीचड़, पूछा, “क्या SC भी शामिल है धांधली में?”

542 सीटों पर 8,000 से अधिक प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सात चरणों में हुये मतदान में 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। भारतीय संसदीय चुनाव में यह सबसे अधिक मतदान है। लोकसभा चुनाव में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के परिणामों का मिलान पेपर ट्रेल मशीनों से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा। यह मिलान प्रति विधानसभा क्षेत्र में पांच मतदान केंद्रों में होगा।

प्रक्रिया के मुताबिक, सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी। ड्यूटी पर तैनात मतदाताओं (सर्विस वोटर) की संख्या करीब 18 लाख है। इनमें सशस्त्र बल, केन्द्रीय पुलिस बल और राज्य पुलिस बल के जवान शामिल हैं जो अपने संसदीय क्षेत्र से बाहर तैनात हैं। विदेश में भारतीय दूतावासों में पदस्थ राजनयिक और कर्मचारी भी सेवा मतदाता हैं। इन 18 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से 16.49 लाख ने 17 मई को अपने अपने रिटर्निंग अधिकारियों को डाक मतपत्र भेज दिये थे।

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि हाथों से डाक मतपत्रों को गिनने में कम से कम कुछ घंटे का समय लगेगा। पेपर ट्रेल मशीनों से निकलने वाली पर्चियों को अंत में गिना जाएगा। कुल 543 लोकसभा सीटों में से 542 पर चुनाव हुए हैं। वेल्लोर लोकसभा सीट पर धन बल का अत्यधिक उपयोग किए जाने के आधार पर चुनाव आयोग ने चुनाव रद्द कर दिया था। इस सीट पर चुनाव के लिए नयी तारीख का ऐलान नहीं हुआ है। चुनाव लड़ने वाले प्रमुख नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हैं।