नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 की अब तक की प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर नकदी, शराब और यहां तक कि आभूषण और ड्रग्स भी बरामद किए गए।

खासकर दूसरे चरण तक लोकसभा चुनाव के दौरान 697 करोड़ कैश और 219 करोड़ की शराब जब्त की गई। साथ ही कुल 2,632 करोड़ के सामान भी जब्त किए गए थे। इस दौरान दक्षिण भारत के कई हिस्सों सहित उत्तर भारत में भी बड़ी मात्रा में कैश बरामद किया गया था।

दूसरे चरण के बाद हालांकि इस तरह की बरामदगी में कमी देखने को मिली। जिसका सीधा मतलब निकाला गया कि इस मामले को लेकर चुनाव आयोग किसी तरह समझौते के मूड में नहीं है। लिहाजा इस तरह के अपराध में लिप्त नेताओं के गुर्गों से सावधानी बरती और अपनी करतूतों से बाज आए। जिसका पूरा क्रेडिट चुनाव आयोग को ही जाता है।

दक्षिण के राज्यों खासकर तमिलनाडु में नकदी और सोना जब्ती के मामले सबसे अधिक पाए गए। जबकि गुजरात, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में शराब और ड्रग्स की बरामदी अधिक हुई।

चुनाव आयोग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक दूसरे चरण के मतदान पूरा होते होते करीब 2600 करोड़ रुपए से भी अधिक की बरामदगी हुई। जो 2014 के 300 करोड़ के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। इस बरामदगी और छापेमारी में आयकर विभाग व अन्य सरकारी एजेंसियों की भी अहम भूमिका रही।

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आंध्र प्रदेश में 25 करोड़ से अधिक की अवैध शराब बरामद की गई। जबकि दारू बांटने के मामले में हरियाणा, यूपी और राजस्थान भी अव्वल रहे। 2019 के चुनाव में शराब बांटने के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा।

चुनाव के दौरान नकदी की बरामदगी में तमिलनाडु अव्वल

आंध्र प्रदेश के निर्वाचन अधिकारी गोपालकृष्ण द्विवेदी ने कई मौकों पर तस्दीक की कि आंध्र प्रदेश में 100 करोड़ से अधिक की नकदी की बरामदगी हुई है। जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। आंध्र प्रदेश राज्य और लोकसभा चुनाव के सिलसिले में कुछ बरामदगी हैदराबाद से भी हुई। जिसे मिला दिया जाय तो बरामदगी सौ करोड़े के पार हो जाती है। सत्ताधारी तेलुगू देशम पार्टी के कार्यकर्ता कई मौकों पर रंगे हाथों वोटरों को नकदी बांटते धरे गए। इतना ही नहीं इस काम में सरकारी अमले का भी बखूबी इस्तेमाल किया गया। हालांकि तमिलनाडु चुनाव के दौरान कैश बरामदगी में अव्वल रहा।

कमलनाथ और अन्य नेताओं के करीबियों के घर छापे

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर चुनाव के दौरान आयकर विभाग की गाज गिरी। इनके पास से करोडो़ं की नकदी बरामद हुई। वहीं कर्नाटक में भी कई नेताओं के घरों पर इनकम टैक्स ने दबिश दी। जिनके पास से भी भारी नकदी मिली। इन सभी नकदी की बरामदगियों को चुनाव से ही जोड़कर देखा जा रहा है। इन छापों से परेशान कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने तो केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया था। बावजूद इसके इस तरह की कार्रवाई पर रोक नहीं लग सकी।