नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और बिहार में चुनाव आयोगों के स्ट्रॉन्ग रूप में रखे गए ईवीएम को बदले जाने के आरोपों के बाद मंगलवार को एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। लेकिन चुनाव आयोग ने आरोप को 'निराधार' और 'तुच्छ' बताया है। कुछ वीडियो वायरल होने के बाद ईवीएम को बदले जाने के आरोप सामने आए। वीडियो में खुलेआम ईवीएम को खुले ट्रकों में ले जाते हुए देखा जा सकता है।

दावा किया गया था कि ये ट्रक उत्तर प्रदेश और बिहार के चुनाव आयोग के सुरक्षित कमरों में जा रहे थे। एक वीडियो को लेकर दावा किया गया कि वह उत्तर प्रदेश के चंदौली लोकसभा क्षेत्र का है। बहुत सारी ईवीएम एक कमरे के अंदर रखी हुई हैं, जिन्हें देखा जा रहा है। क्लिप में कुछ लोगों को दिखाया गया है, जो स्पष्ट रूप से समाजवादी पार्टी के समर्थक हैं। जिसके बाद सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

छेड़छाड़ के कथित आरोपों से इनकार करते हुए चुनाव आयोग ने आरोपों को 'निराधार' और 'तुच्छ' बताया।

भारत चुनाव आयोग (ईसीआई) ने एक बयान में कहा, "वोटिंग मशीनों को पूरी सुरक्षा के साथ पार्टियों के उम्मीदवारों के सामने सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है।"

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के बारे में जानकारी साझा करते हुए, आयोग ने कहा कि "उम्मीदवारों द्वारा मतदान वाले ईवीएम सुरक्षित कमरे पर नजर रखने" के बारे में एक मुद्दा था, जिसे ईसीआई के निर्देशों को बताकर हल कर लिया गया था।

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ईसीआई ने कहा है कि "ईवीएम उचित सुरक्षा और प्रोटोकॉल में रखे गए हैं।"आयोग ने कहा कि चंदौली के सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र से बिना उपयोग वाली अतिरिक्त ईवीएम को नवीन मंडल स्थल लाया गया था। जहां उन्हें सुरक्षित अलग कमरों में रखा गया। जिला मतदान अधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कहा, "सकलडीहा तहसील में 35 बिना उपयोग किए हुए ईवीएम को रखा गया था। उन्हें रविवार को नहीं लाया जा सका था। इसलिए उन्हें सोमवार को सकलडीहा से दूसरी जगह लाया गया।"