नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट लोकसभा चुनाव2019 के दौरान ईवीएम से वीवीपैट पर्चियों के बेतरतीब मिलान की संख्या बढ़ाने की 21 विपक्षी दलों के नेताओं की मांग वाली पुनर्विचार याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करने पर शुक्रवार को सहमत हो गया। न्यायालय ने आठ अप्रैल को चुनाव आयोग को सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक से लेकर पांच मतदान केन्द्रों पर ईवीएम से वीवीपैट पर्चियों के बेतरतीब मिलान की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया था।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने उच्चतम न्यायालय के आदेश की समीक्षा की मांग की और कहा, ‘‘एक से पांच तक (मतदान केन्द्र) बढ़ाना एक उचित संख्या नहीं है और अदालत के इस फैसले से वांछित संतुष्टि नहीं होती है।''

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याचिका में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की एक पीठ से तुरंत सुनवाई का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मुन सिंघवी ने पीठ से कहा कि पुनर्विचार याचिका को सुनवाई के लिए अगले सप्ताह सूचीबद्ध किया जाए। पीठ ने सिंघवी की दलील स्वीकार करते हुए कहा कि मामले की सुनवाई अगले सप्ताह की जाएगी।