भुवनेश्वर। चक्रवात फनी काफी तेजी से ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा है। खतरनाक फनी तूफान 175 की रफ्तार से ओडिशा के तट पर टकरा गया है। भुवनेश्वर, गजपति, केंद्रपारा और जगतपुर सिंह इलाके में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है और समंदर में काफी ऊंची लहरें उठने लगी हैं। कई जगहों पर बिजली और संचार सेवा बाधित हो गई है। पुरी मेंं लैंड फॉल की खबरें भी सामने आ रही है। लोगों से अपील किया गया है कि वे अपने घरों से बाहर ना निकले, क्योकि अगले 5-6 घंटे ओडिशा में काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं। सरकार की ओर से एनडीआरएफ की 54 टीम और कोस्ट गार्ड की 8 टीमें तैनात कर दी गई है।

राहत सामग्री और चिकित्सीय दल के साथ तैयार है नौसेना के पोत

ओडिशा में शुक्रवार को फनी चक्रवात को लेकर सावधानी के मद्देनजर बीते 24 घंटों में करीब 10 लाख लोगों को राज्य के कई जिलों से हटाया जा चुका है। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। भारतीय नौसेना के पोत सह्याद्रि, रणवीर और कदमट्ट राहत सामग्री और चिकित्सीय दल के साथ तैयार हैं। वहीं, पुरी, पारादीप, भुवनेश्वर, गोपालपुर में गुरुवार रात से ही हल्की बारिश हो रही है, जो कि शुक्रवार की सुबह भी जारी है।

220 से अधिक ट्रेन रद्द भुवनेश्वर और कोलकाता में एयरपोर्ट भी बंद

चक्रवात फनी के कारण ओडिशा में अगले दो दिन रेल और विमान सेवाओं के पूरी तरह से बाधित रहने की आशंका है। कोलकाता-चेन्नई मार्ग पर 220 से अधिक ट्रेनें शनिवार तक रद्द कर दी गई हैं। उड्डयन नियामक डीजीसीए ने घोषणा की कि भुवनेश्वर हवाईअड्डे पर विमानों का आवागमन शुक्रवार को रद्द रहेगा। इसके साथ, विभिन्न घरेलू एयरलाइंस का संचालन प्रभावित हुआ है।

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इन राज्यों को हो सकता है सबसे ज्यादा नुकसान

चक्रवात से पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के भी प्रभावित होने की संभावना है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बृहस्पतिवार शाम को परामर्श में कहा कि कोलकाता हवाईअड्डे पर शुक्रवार शाम साढ़े नौ बजे से शनिवार शाम छह बजे तक विमानों का संचालन नहीं होगा। रद्द ट्रेनों में 140 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें तथा 83 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चक्रवात फोनी के कारण कोलकाता-चेन्नई रूट के भद्रक-विजयनगरम खंड (ओडिशा तटरेखा पर) चार मई की दोपहर तक सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।''

नौ ट्रेनों के रूट बदले

उधर, अधिकारियों का कहना है कि चक्रवात के ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को प्रभावित करने की संभावना है। नौ ट्रेनों का मार्ग बदला गया है जबकि चार अन्य की यात्रा गंतव्य से पहले समाप्त कर दी गई है। रेलवे ने कहा कि अगर प्रस्तावित यात्रा के तीन दिन के भीतर टिकट रद्द करने के लिए पेश किया जाता है तो वह यात्रियों को रद्द ट्रेन या रूट बदलने वाली ट्रेन के लिए पूरा पैसा वापस करेगा।

सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।
सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

24 घंटे एक्टिव है आपातकाल नियंत्रण विभाग

रेलवे ने कहा, ‘‘आपातकाल नियंत्रण विभाग चौबीसों घंटे काम कर रहा है और वह हेल्पलाइन नंबर के जरिये यात्रियों की मदद कर रहा है। किसी भी कर्मचारी को अगले तीन दिन छुट्टी पर नहीं जाने को कहा गया है।'' आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए देश की शीर्ष संस्था राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने बुधवार को चक्रवात ‘फोनी' की तैयारियों की समीक्षा की थी। प्रभावित क्षेत्रों से निकाले जाने वाले लोगों के लिए करीब 900 चक्रवात आश्रय गृह बनाये गये हैं।

सीएम ने लोगों से की घरो में रहने की अपील

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान घरों के अंदर ही रहें और कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। इस बीच, नई दिल्ली मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय तटरक्ष बल और नौसेना ने भी राहत इंतजाम में अपने पोत और कर्मियों को तैनात किया है। तट रक्षक बल ने ट्वीट कर कहा कि चक्रवाती तूफान फनी को देखते हुए 34 राहत दलों और चार तटरक्षक पोतों को राहत कार्य के लिए तैनात किया गया है।