रायपुर : लोकसभा चुनाव के तीसरे और छत्तीसगढ़ के अंतिम चरण का मतदान मंगलवार शाम 5 बजे समाप्त हो गया। यहां सात लोकसभा क्षेत्रों में तीसरे चरण का मतदान हुआ। शाम पांच बजे तक लगभग 65 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लिया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के सात लोकसभा क्षेत्रों - सरगुजा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर में - आज शाम पांच बजे मतदान समाप्त हो गया।

शाम पांच बजे तक लगभग 65 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लिया है। सभी लोकसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान संपन्न हुआ। अधिकारियों ने बताया कि मतदान केंद्रों के सामने लंबी कतारें हैं और मतदान प्रतिशत बढ़ने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि तीसरे चरण के मतदान वाले इन सात लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत 58 विधानसभा क्षेत्र हैं और तीसरे चरण में कुल 123 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें रायपुर में 25, बिलासपुर में 25, दुर्ग में 21, कोरबा में 13, रायगढ़ में 14, जांजगीर में 15 तथा सरगुजा में 10 प्रत्याशी शामिल हैं।

निर्वाचन अधिकारी साहू ने बताया कि तीसरे चरण के मतदान वाले इन सातों लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत 58 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इन सभी लोकसभा क्षेत्रों में निर्वाचन की सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं।

सात लोकसभा क्षेत्रों के लिए कुल 123 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें रायपुर में 25, बिलासपुर में 25, दुर्ग में 21, कोरबा में 13, रायगढ़ में 14, जांजगीर में 15 और सरगुजा में 10 उम्मीदवार शामिल हैं। साहू ने बताया कि तीसरे चरण के मतदान में इस लोकसभा क्षेत्रों में कुल एक करोड़ 27 लाख 13 हजार 816 मतदाता हैं।

इनमें 64 लाख 16 हजार 252 पुरूष, 62 लाख 96 हजार 992 महिला तथा 572 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मतदान के लिए 15 हजार 408 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा बल के लगभग 60 हजार जवानों को तैनात किया गया है।

चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों के लिए तीन चरणों में मतदान की घोषणा की है। पहले चरण में 11 अप्रैल को बस्तर लोकसभा सीट के लिए मतदान संपन्न हुआ है। वहीं दूसरे चरण में 18 अप्रैल को कांकेर, राजनांदगांव और महासमुंद लोकसभा सीट के लिए मतदान कराया गया।

तीसरे चरण के लिए 123 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं लेकिन मुकाबला राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के बीच होने की संभावना है। कांग्रेस ने रायपुर लोकसभा सीट से नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे को, बिलासपुर लोकसभा सीट से प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री अटल श्रीवास्तव को, अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रायगढ़ लोकसभा सीट से विधायक लालजीत सिंह राठिया को, कोरबा लोकसभा सीट से विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत की पत्नी ज्योत्सना महंत को, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित जांजगीर चांपा से पूर्व सांसद परसराम भारद्वाज के पुत्र रवि भारद्वाज को, दुर्ग लोकसभा सीट से पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर को तथा अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सरगुजा लोकसभा सीट से विधायक खेलसाय सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है।

इन सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशियों का मुकाबला भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सोनी, अरूण साव, गोमती साय, ज्योतिनंद दुबे, पूर्व सांसद गुहाराम अजगले, पूर्व विधायक विजय बघेल और रमन सरकार में मंत्री रहीं रेणुका सिंह से है। राज्य की कोरबा और दुर्ग सीट पर विधानसभा अध्यक्ष महंत और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की साख दांव पर है।

इसे भी पढ़ें :

छत्तीसगढ़ के इस बूथ पर मतदान कर्मचारी को पड़ा दिल का दौरा, मौके पर ही मौत

कोरबा लोकसभा सीट से जहां महंत की पत्नी ज्योत्सना महंत चुनाव लड़ रही हैं वहीं दुर्ग सीट मुख्यमंत्री बघेल का गृह जिला है। भाजपा ने यहां से मुख्यमंत्री के रिश्तेदार और पुराने प्रतिद्वंदी विजय बघेल को चुनाव मैदान में उतारा है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने एकमात्र दुर्ग सीट से ही जीत हासिल की थी।

आम चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने राज्य का दौरा किया और सभाएं की है।

इस दौरान जहां भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रवाद, एयर स्ट्राइक और मोदी सरकार के पांच वर्ष के कामकाज को लेकर जनता से वोट मांगा, वहीं कांग्रेस ने राफेल विमान सौदा और न्याय योजना को मतदाताओं के सामने रखा। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद से भारतीय जनता पार्टी का गढ़ रहा है। वर्ष 2004, 2009 और वर्ष 2014 में हुए आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 11 में से 10 सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में 90 में 68 सीटों में जीत हासिल करने के बाद से कांग्रेस उत्साहित है।