नई दिल्ली: यूपी-उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रहे दिवंगत एनडी तिवारी के बेटे शेखर तिवारी के बेटे की मौत को संदिग्ध बताया जा रहा है। रोहित शेखर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। जिसमें साफ तौर पर लिखा है कि रोहित शेखर की मौत अप्राकृतिक मौत थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इस बात के संकेत मिलते हैं कि रोहित शेखर तिवारी की गला दबाकर हत्या की गई थी।

हालांकि रोहित शेखर तिवारी की मौत की गुत्थी अब दिल्ली क्राइम ब्रांच सुलझाएगी। मामला हाइप्रोफाइल होने की वजह से क्राइम ब्रांच मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। साथ ही फॉरेंसिक टीम व अन्य जांच एजेंसियां रोहित शेखर के डिफेंस कॉलोनी आवास पर पहुंची हुई है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, उम्मीद की जा रही है कि मामले में हत्यारोपी जल्दी ही पुलिस की गिरफ्त में होगा।

रोहित शेखर के दिल्ली डिफेंस कॉलोनी स्थित मकान पर क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। साथ ही पुलिसकर्मियों ने घर की छानबीन भी की।

प्रेस से बात करते हुए एनडी तिवारी व रोहित शेखर तिवारी: फाइल फोटो 
प्रेस से बात करते हुए एनडी तिवारी व रोहित शेखर तिवारी: फाइल फोटो 

मामला पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे और रसूखदार सियासी परिवार से जुड़ा है लिहाजा पुलिस के बड़े अधिकारी भी जांच को लेकर ज्यादा मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं। बीते 16 अप्रैल को रोहित शेखर तिवारी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ था। शुरुआत में तो बताया कि हृदयगति रुकने से रोहित शेखर की मौत हो गई। बाद में मौत को लेकर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुए अहम खुलासे के बाद इसे संदिग्ध हत्या का मामला भी माना जा रहा है।

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डिप्रेशन में थे रोहित शेखर

खुद रोहित शेखर की मां ने माना है कि रोहित बेहद अवसाद में जी रहे थे। रोहित की मां ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि रोहित कुछ खास लोगों की वजह से परेशान थे। जिनके बारे में वो वक्त आने पर खुलासा करेंगी। रोहित की मां ने इतना जरूर कहा कि उनके बेटे की हत्या नहीं हुई है।

पुलिस ने रोहित शेखर के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं पाया है। रोहित शेखर के घर में काम करने वाली नौकरानी ने ही सबसे पहले रोहित की स्थिति के बारे में बाकियों को बताया। नौकरानी ने ही रोहित की नाक से खून बहते हुए सबसे पहले देखा। इसके बाद ही रोहित शेखर को तत्काल अस्पताल ले जाया जा सका।

ND तिवारी, रोहित शेखर व उज्जवला शर्मा 
ND तिवारी, रोहित शेखर व उज्जवला शर्मा 

रोहित को एनडी तिवारी का बेटा होने का अधिकार पाने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी थी। 2014 में कोर्ट के आदेश पर एनडी तिवारी और रोहित का डीएनए मैच कराया गया था। जिसमें साबित हुआ था कि रोहित शेखर ही एनडी तिवारी के जैविक पुत्र हैं। बाद में रोहित को सार्वजनिक तौर पर अपना बेटा मानते हुए एनडी तिवारी ने उनकी मां के साथ शादी भी की।

ऐसा माना जा रहा था कि रोहित शेखर का जीवन अब सामान्य हो चला है। 2017 में ही उन्होंने बीजेपी भी ज्वाइन कर लिया था। हालांकि राजनीति में वे अधिक सक्रिय नहीं हो पाए। ऊपर से शांत नजर आने वाले रोहित के भीतर झंझावातों का रेला चल रहा था। वे अवसाद में ऐसे घिरे, जिसने आखिरकार उनकी जान ही ले ली।