चेन्नई: आयकर विभाग के अधिकारियों और निर्वाचन आयोग के निगरानी दल ने संयुक्त रूप से मंगलवार को डीएमके की लोकसभा उम्मीदवार के. कनिमोझी के घर पर छापा मारा। यह छापा कनिमोझी के तूतीकोरिन के कुरिंची नगर वाले आवास पर पड़ा। इस दौरान कनिमोझी के घर से आयकर विभाग को न कोई कैश और न ही कोई दस्तावेज मिले।

कनिमोझी के घर पर छापे से डीएमके के कार्यकर्ता भड़क गए थे और कई जगरों पर प्रदर्शन किया। कनिमोझी के भाई और पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव आयोग की मदद से डीएमके की छवि को खराब करने का काम कर रहे हैं।

राज्यसभा सदस्य कनिमोझी भाजपा की राज्य इकाई की अध्यक्ष तमिलिसाई सौंदराराजन के खिलाफ तूतीकोरिन से लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं। तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीटों के लिए मतदान दूसरे चरण के तहत 18 अप्रैल को होना है। हालांकि राष्ट्रपति ने वेल्लोर सीट का चुनाव निर्वाचन आयोग की सिफारिश पर रद्द कर दिया है।

आयकर छापे के बाद डीएमके नेता कनिमोझी ने बुधवार को कहा कि ऐसा करके भाजपा मुझे चुनाव जीतने से नहीं रोक सकती है। उन्होंने छापे को गैर लोकतांत्रिक और सुनियोजित भी कहा। कनिमोझी ने आगे कहा कि आयकर छापे में कोई भी दस्तावेज नहीं मिला जिसके खिलाफ वे मुझ पर कार्रवाई कर सकें। सूत्रों के मुताबिक छापे के दौरान कनिमोझी अपने आवास पर मौजूद थीं।

रिपोर्ट के मुताबिक पहले ये आरोप लगाया गया था कि तूतीकोरिन स्थित उनके घर की पहली मंजिल पर भारी मात्रा में नकदी छुपा कर रखी गई है। तमिलनाडु में 18 अप्रैल को 39 सीटों के लिए मतदान होने हैं इसके दो दिन पहले कनिमोझी के यहां रेड मारी गई है।