पटना : राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को कहा कि उनके पिता लालू यादव का किताब 'गोपालगंज टू रायसीना: माइ पॉलिटिकल जर्नी' जल्द आने वाली है। लालू के साथ उनके बेटे तेजस्वी यादव ने भी दावा किया है कि नीतीश कुमार महागठबंधन में वापस आना चाहते थे। लालू ने इस किताब में दावा किया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होने के 6 महीने बाद दोबारा से महागठबंधन में शामिल होना चाहते थे। लेकिन वह इसके लिए सहमत नहीं हुए।

तेजस्वी ने कहा कि मेरे पिता की आने वाली किताब "गोपालगंज टू रायसीना" में जिक्र किया है कि नीतिश कुमार ने कई बार गठबंधन की कोशिश की। राजद नेता ने जोर देकर कहा कि उनके पास इस बात का सबूत है कि महागठबंधन बनाने के लिए नीतीश कुमार ने उनसे, लालू यादव और यहां तक कि कांग्रेस से संपर्क करने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा कि "हम नीतीश कुमार के साथ सहयोगी नहीं होंगे"।

2015 में महागठबंधन के बैनर तले राजद और जद (यू) को लाने के पीछे जदयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर से उनकी मुलाकात के सवाल पर नेता ने कहा, '' उन्होंने उन्हें आमंत्रित नहीं किया। वह खुद चलकर आए थे। उन्होंने यह भी कहा कि सभी जानते हैं कि प्रशांत किशोर बिना किसी कारण के किसी से मुलाकात नहीं करते।

प्रशांत किशोर ने दावे को बताया बकवास

वहीं प्रशांत किशोर ने इस दावे को बकवास बताया है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा है कि लालू जी के ओर से किया जा रहा दावा बेबुनियाद है। यह और कुछ नहीं बल्कि एक ऐसे नेता द्वारा प्रासंगिकता की कोशिश का एक घटिया प्रयास है जिसके सबसे अच्छे दिन उसके पीछे हैं। हां, जदयू में शामिल होने से पहले हम कई बार मिले थे, लेकिन अगर मुझे बताया जाए कि क्या चर्चा हुई तो वह काफी शर्मनाक होगा।

इसे भी पढ़ें : लालू यादव ने CM पर कसा भोजपुरी में तंज, बोले-  ‘का हो नीतीश? कुछ शर्म बचल बा कि नाहीं’

मधेपुरा से आरजेडी की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ रहे जदयू के पूर्व नेता शरद यादव ने भी कंफर्म किया है कि नीतिश कुमार गठबंधन की कोशिश कर रहे थे।

पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए यादव ने कहा कि यह सही है कि लालू यादव ने अपनी किताब में लिखा है कि नीतीश कुमार ने कई बार गठबंधन की कोशिश की है।