नई दिल्लीः विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को पाकिस्तान के सिंध प्रांत में होली की पूर्व संध्या पर अपहृत हुईं दो हिंदू किशोरियों के मामले में पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास से विस्तृत जानकारी मांगी है।

सुषमा स्वराज ने संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स को टैग करते हुए ट्वीट किया, "मैंने इस मामले में पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायुक्त से जवाब मांगा है।" सिंध प्रांत में 15 और 13 वर्ष की दो हिंदू लड़कियों को कथित रूप से अगवा कर जबरन इस्लाम धर्म में शामिल कर दिया गया था।इसके बाद पाकिस्तान में हिंदू समुदाय ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था।

वहीं दूसरी तरफ मामले को बढ़ता देख पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिंध प्रांत में दो हिंदू किशोरियों के अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन एवं कम उम्र में विवाह कराए जाने की खबरों की जांच के आदेश दिए हैं।

सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने रविवार को यह जानकारी दी। 13 वर्षीय रवीना एवं 15 वर्षीय रीना को होली की पूर्व संध्या पर सिंध के घोटकी जिले में उनके घर से कुछ “दबंग” पुरुषों ने कथित तौर पर अगवा कर लिया था। अपहरण के कुछ समय बाद ही एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक मौलवी दोनों लड़कियों का निकाह कराते हुए कथित तौर पर दिख रहा है।

वहीं एक अन्य वीडियो में दोनों नाबालिगों को यह कहते हुए सुना गया कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम कुबूल किया है। सूचना मंत्री चौधरी ने रविवार को उर्दू में ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री ने सिंध के मुख्यमंत्री से उन खबरों की जांच के लिए कहा है जिनमें उक्त लड़कियों को पंजाब के रहीम यार खान ले जाने की बात कही गई है।

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साथ ही चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सिंध एवं पंजाब सरकारों को घटना के संबंध में एक संयुक्त कार्य योजना बनाने और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए मजबूत कदम उठाने को कहा है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के अल्पसंख्यक हमारे झंडे का सफेद रंग हैं और हमारे झंडे के सारे रंग हमारे लिए कीमती हैं। हमारे झंडे का संरक्षण हमारा कर्तव्य है।