सेना ने 21 दिन में  मारे जैश के 18 आतंकी, इनमें पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मुदासिर भी शामिल  

लेफ्टिनेंट जनरल कंवलजीत सिंह ढिल्लों प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान। - Sakshi Samachar

श्रीनगर : जम्मू कश्मीर के पुलवामा हमले के बाद 21 दिन में घाटी में कुल 18 आतंकी मारे गए हैं। इनमें से 8 पाकिस्तानी आतंकी थे। इस बात की जानकारी सेना नें एक प्रेस कान्फ्रेस के जरिए दी है। लेफ्टिनेंट जनरल कंवलजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी मुदसिर खान 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले का मुख्य षड्यंत्रकारी था। सोमवार को मुदासिर के परिवार ने उसके शव की पहचान की। रविवार को सुरक्षाबलों ने त्राल में तीन आतंकियों को मार गिराया। इनमें एक आतंकी मुदासिर अहमद खान उर्फ मोहम्मद भाई (23 साल) है।

इससे पहले रविवार को पुलवामा हमले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया था कि मुदासिर 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए फिदायीन हमले का मास्टरमाइंड था। उसी ने हमले के लिए गाड़ी और विस्फोटक जुटाया था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।


साल 2017 में जैश ए मोहम्मद में हुआ शामिल

इस हमले की जांच में अब तक जुटाए गए सबूतों के मुताबिक सुरक्षाबलों ने बताया कि 23 साल का खान पेशे से इलेक्ट्रिसियन था और स्नातक पास था। वह पुलवामा का रहनेवाला था और उसने ही आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए वाहन और विस्फोटक का इंतजाम किया था। त्राल के मीर मोहल्ला में रहनेवाला खान 2017 में जैश से जुड़ा और बाद में नूर मोहम्मद तंत्रे उर्फ ‘नूर त्राली' ने उसको आतंकवादी संगठन में शामिल कर लिया।

नूर त्राली के बारे में माना जाता है कि उसने घाटी में आतंकी संगठनों को पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभाई है। त्राली के 2017 में मारे जाने के बाद खान अपने घर से 14 जनवरी, 2018 को लापता हो गया और वह तब से आतंकवादी के रूप में सक्रिय था।

पुलवामा हमले यह है थी भूमिका

अधिकारियों ने बताया कि 14 फरवरी को पुलवामा में विस्फोटक से भरी कार से सीआरपीएफ की बस में टक्कर मारनेवाला आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार लगातार खान के संपर्क में था। खान ग्रेजुएट होने के बाद एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) से एक साल का डिप्लोमा करके इलेक्ट्रिसियन बना था। वह यहां के एक श्रमिक का सबसे बड़ा बेटा था।

ऐसा माना जाता है कि फरवरी 2018 में सुंजावान के सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले में भी वह शामिल था। इस हमले में छह जवान शहीद हो गए थे और एक नागरिक की मौत हो गई थी। सीआरपीएफ के शिविर पर लेथोपोरा में जनवरी, 2018 में हुए हमले के बाद खान की भूमिका सुरक्षाबलों के नजर में सामने आई थी।

इस हमले में सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए थे। पुलवामा हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने खान के घर पर 27 फरवरी को छापा मारा था। पुलवामा आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए मारूती इको मिनिवान को जैश के लिए काम करने वाले एक व्यक्ति ने 10 दिन पहले खरीदा था।

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इस व्यक्ति की पहचान सज्जाद भट्ट के रूप में हुई है। यह दक्षिणी कश्मीर के बिजबेहरा का रहनेवाला है और हमले की बाद से फरार है। ऐसा माना जा रहा है कि वह अब सक्रिय आतंकवादी बन गया है।

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