नयी दिल्ली: निर्वाचन आयोग की नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। जिसमें लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का एलान किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के मुताबिक चुनावी तारीखों को तय करने से पहले खेती के मौसम और त्यौहारों का ध्यान रखा गया है। इस बार 7 चरणों में चुनाव होगा।

लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखें
लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखें
प्रथम चरण: पहले चरण के लिए वोटिंग 11 अप्रैल होगी साथ ही सभी चरणों की वोटिंग के लिए मतगणना 23 मई को होगी। कुल 91 सीटों पर वोटिंग होगी। फेज वन में ही आंध्र की सभी पच्चीस सीटों पर चुनाव होगा। अरुणाचल की 2, आसाम 5, बिहार 4, महाराष्ट्र 7, मेघालय 2, नागालैंड 1, ओडिशा 4, सिक्कीम 1, तेलंगाना 17, उत्तर प्रदेश 8, उत्तराखंड 5, वेस्ट बंगाल 2 
दूसरा चरण: 18 अप्रैल वोटिंग की तारीख, 97 लोकसभा सीटें शामिल, 20 राज्यों में, जम्मू कश्मीर की 2, कर्नाटक की 14, महाराष्ट्र 10, ओडिशा 5, यूपी 8, पश्चिम बंगाल 3, पुडुचेरी 1 कुल 97 सीटें
तीसरा चरण: 23 अप्रैल को वोटिंग की तारीख, 13 राज्यों में, असम की 4 सीटें, बिहार 5, छत्तीसगढ़ 7, गुजरात 26, गोवा 2, जम्मू कश्मीर 1, कर्नाटक 14, केरल 20, महाराष्ट्र 14, ओडिशा 6, उत्तर प्रदेश 10, पश्चिम बंगाल 5, दादरा नगर हवेली 1, कुल 115 सीटों पर वोटिंग होगी
चौथा चरण: 29 अप्रैल को वोटिंग, बिहार 5, झारखंड 3, महाराष्ट्र 17, ओडिशा 6, राजस्थान 13, यूपी 13, वेस्ट बंगाल 8 कुल 9 राज्यों में 71 सीटों पर वोटिंग होनी है।
पांचवा चरण: 6 मई को वोटिंग, बिहार 5 सीटें, जम्मू कश्मीर 2, झारखंड 4, मध्य प्रदेश 7, राजस्थान 12, उत्तर प्रदेश 14, पश्चिम बंगाल कुल 51 सीटें
छठा चरण: 12 मई को वोटिंग, बिहार 8,  हरियाणा 10, झारखंड 4, मध्य प्रदेश 8, उत्तर प्रदेश 14, पश्चिम बंगाल 8, दिल्ली 7 कुल 59 सीटें शामिल
सातवां चरण: 19 मई को वोटिंग, कुल 59 सीटों पर चुनाव, बिहार 8, झारखंड 3, मध्य प्रदेश 8, राजस्थान 13, पंजाब 13, पश्चिम बंगाल 9, यूपी 13, हिमाचल 4
सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त की अहम बातें:

90 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे वोट

2014 लोकसभा चुनाव के मुकाबले

इस बार 8.43 करोड़ मतदाता अधिक

मतदान के लिए 10 लाख बूथ बनेंगे

ईवीएम मशीनों पर सारे उम्मीदवारों की तस्वीरें भी होंगी

लोकसभा चुनाव 2019 में 1.5 करोड़ युवा पहली बार करेंगे मतदान

हर पोलिंग बूथ पर VVPAT  का इस्तेमाल होगा

‘सुविधा’ और ‘समाधान’ जैसे ऐप्स के जरिए मतदाता सीधी शिकायत कर सकते हैं

मतदान केंद्रों पर CCTC कैमरे लगाए जाएंगे

उम्मीदवारों को अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी देनी होगी

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर्स की इजाजत नहीं

चुनाव आयोग की इस बार सोशल मीडिया पर होगी सख्त नजर

गलत रिपोर्टिंग करने वाले चैनलों पर आयोग करेगा कार्रवाई

सोशल मीडिया पर दिए विज्ञापनों को भी चुनावी खर्च में शामिल किया जाएगा

गूगल और फेसबुक को चुनाव से जुड़ी कैम्पेन पर नजर रखने का निर्देश

आयोग के मुताबिक इस बार के चुनाव में वोटर्स गाईड विभिन्न भाषाओं में जारी किया गया है। इस बार भी नोटा का विकल्प होगा। वोटिंग मशीन में वोट डालते समय मतदाता उम्मीदवारों का फोटो भी देख सकेंगे। साथ ही सभी बूथों पर वीवीपैट लगाई जाएगी। ताकि मतदाता सुनिश्चित कर सकें कि उनके वोट के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।

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मतदान के दौरान आयोग अंतिम समय में अस्थाई पुलिस स्टेशन की स्थापना का आदेश दे सकता है। मतदाताओं की मूलभूत जरूरी सुविधाओं का ख्याल रखा गया है। खासकर बुजुर्गों की सुविधाओं के लिए तमाम उपाय किए गए हैं। सोलह लाख के करीब कंट्रोल रूम्स की स्थापना की जाएगी।

मतदाताओं को दिक्कत न हो इसके लिए आयोग ने लाउडस्पीकर्स पर भी समयबद्ध पाबंदी लगाई है। संवेदनशील इलाकों में सघन पैट्रोलिंग का आदेश दिया गया है।

आयोग ने एलान किया है कि देश में चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। ऐसी स्थिति में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार कोई नीतिगत फैसला नहीं ले सकती है।

कुछ ही देर में आंध्र प्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के कार्यक्रमों का ब्यौरा मिल जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा चुनावी कार्यक्रम के बारे में जानकारी दे रहे हैं। विज्ञान भवन जारी कार्यक्रम में अन्य चुनाव आयुक्त भी उपस्थित हैं। बता दें लोकसभा की कुल 543 सीटों के लिये चुनाव होने हैं।

मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल तीन जून को समाप्त होगा। चुनाव आयोग की ओर से लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रमों की घोषणा की भी उम्मीद है। इन राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल अगले कुछ महीनों में समाप्त हो रहा है। पिछले साल हालांकि जम्मू कश्मीर विधानसभा भी भंग किये जाने के बाद आयोग के समक्ष मई से पहले राज्य में चुनाव कराने की बाध्यता है। लेकिन भारत पाकिस्तान सीमा पर तनाव को देखते हुये जम्मू कश्मीर में चुनाव प्रक्रिया शुरु करना राज्य के जटिल सुरक्षा हालात और इसके इंतजामों पर निर्भर करेगा।