सिद्धू ने फिर केंद्र सरकार पर उठाए सवाल, पूछा- क्या देश सचमुच इस वक्त सुरक्षित हाथों में है?

डिजाइन फोटो  - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : भारतीय वायु सेना के द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की सफलता पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं। सवाल पूछने वालों की फेहरिस्त में कुछ बड़े नेता भी शामिल हैं। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने केन्द्र सरकार पर एक बार फिर से हमला बोला। सिद्धू ने राफेल, आतंकी हमले, खुफिया चूक का हवाला देते हुए पूछा है कि क्या देश सचमुच इस वक्त सुरक्षित हाथों में है।

नरेंद्र मोदी सरकार के फैसलों की कड़ी आलोचना करने वाले पंजाब सरकार के मंत्री ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, "दुनिया के सबसे बड़े डिफेंस डील की फाइल गुम हो गई।


खुफिया चूक की वजह से 40 जवानों को शहादत देनी पड़ी। 1708 आतंकी घटनाएं हुईं, 48 सैटेलाइट हैं लेकिन सरकार पेड़ों और ढांचों के बीच अंतर नहीं कर पा रही हैं। ये राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर खतरा है।" सिद्धू ने इस ट्वीट को क्या हमारे देश सुरक्षित हाथों में है के साथ टैग भी किया है।"

नवजोत सिंह सिद्धू ने इस ट्वीट के साथ रॉयटर्स की उस रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट भी लगाया गया है जिसमें सैटेलाइट इमेज के हवाले से दावा किया गया है कि बालाकोट में जिस स्थान पर भारतीय वायुसेना ने हमला किया था वहां पर मदरसे की इमारत अभी भी खड़ी है।

पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि देश में 48 सैटेलाइट हैं लेकिन सरकार को पता नहीं है कि कहां पेड़ हैं और कहां ढांचा। आपको बता दें कि इससे पहले भी सिद्धू एयर स्ट्राइक पर सवाल खड़े कर चुके हैं।

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4 मार्च को सिद्धू ने ट्वीट कर पूछा था कि क्या एयरस्ट्राइक में 300 आतंकी मरे थे या नहीं, अगर नहीं मरे थे तो क्या इसका मतलब है कि वहां सिर्फ पेड़ उखाड़ने गए थे।

आपको बता दें कि बीते माह 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे।

पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी भी ली थी। इस हमले के बाद पूरे देश से जैश के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी थी।

इंडियन एयरफोर्स के मिराज विमानों ने 26 फरवरी की देर रात पाकिस्तान के अंदर बालाकोट में जैश के ट्रेनिंग कैंप पर हमला किया था। और जाबा टॉप पर स्थित इस कैंप को ध्वस्त कर दिया था। भारत सरकार ने कहा कि इस हमले में बड़ी संख्या में जैश के आतंकी, ट्रेनर, कमांडर मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इस आतंकी हमले में 300 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं।

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