श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के हंदवाड़ा इलाके में 48 घंटे चली मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए व पांच जवान शहीद हो गए। इस मुठभेड़ में एक नागरिक की भी मौत हो गई।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने रविवार को कहा, "दो आतंकवादी मारे गए। मुठभेड़ अब बंद हो गई है, लेकिन तलाशी अभियान चल रहा है।" मारे गए आतंकवादियों की अभी शिनाख्त की जानी है।

कुपवाड़ा जिले के हंदवांड़ा के बाबागुंड गांव में शुक्रवार को मुठभेड़ शुरू हुई। आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई।

सीआरपीएफ के दो जवान व दो पुलिसकर्मी शुक्रवार को उस समय शहीद हो गए, जब एक आतंकवादी जिसे मृत समझा गया था अचानक घर के मलबे से उठा और सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग करने लगा।

हंदवाड़ा में हुए आतंकवादी मुठभेड़ में सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर पिंटू और कांस्टेबल विनोद को एक दिन पहले आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। जिसके बाद श्रीनगर में उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी गई।

हंदवाड़ा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान विनोद कुमार के परिवार को जैसे ही उनके शहादत की सूचना मिली उनके गांव में और समेत पूरे परिवार में गम का मातम छा गया। आपको बता दें कि सीआरपीएफ के जवान विनोद कुमार बीते 1 मार्च को जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ में बुरी तरह से घायल हो गए थे। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

सीआरपीएफ जवान विनोद कुमार के परिजन उनकी शहादत पर दुख मनाते हुए
सीआरपीएफ जवान विनोद कुमार के परिजन उनकी शहादत पर दुख मनाते हुए

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पुलिस ने कहा कि एक घायल जवान की रविवार को अस्पताल में मौत हो गई। मुठभेड़ में सात अन्य सुरक्षा कर्मी भी घायल हुए हैं। सुरक्षा बल के साथ प्रदर्शनकारियों के संघर्ष में एक नागरिक की मौत हो गई। प्रदर्शनकारी अभियान में बाधा डाल रहे थे।