नई दिल्ली : पाकिस्तान बहादुर भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को भारत को सौंप दिया है। अभिनंदन वर्धमान स्वदेश लौट गए हैं। विंग कमांडर अभिनंदन अटारी-वाघा बार्डर से स्वदेश लौट आए हैं। यहां पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें बॉर्डर तक पहुंचाया। अभिनंदन के स्वागत को लेकर मानों पूरा देश अटारी-वाघा बार्डर पर उमड़ पड़ा हो।

बीती 27 फरवरी को उन्हें पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में लिया था। इसके बाद से करोड़ों भारतीयों ने उनके वापस लौटने के लिए प्रार्थनाएं शुरू कर दी थी। लेकिन पाकिस्तान सेना की हिरासत से आजाद होकर स्वदेश लौटने के बाद अभिनंदन के अगले कुछ दिन काफी चुनौती भरे होंगे। उन्हें कई तरह के टेस्ट के गुजरना होगा। इसमें एक टेस्ट ऐसा भी होगा, अगर वो उसमें कामयाब नहीं हुए तो नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

भारतीय वायुसेना के नियमों के तहत उन्हें कुछ कड़ी परीक्षाओं से गुजरना होगा। रिसर्च एंड एनॉलिसिस विंग के लिए काम करने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने एक इंटरव्यू में कहा, "अभिनंदन को वापस लौटने के बाद कई तरह की परीक्षाओं से गुजरना होगा। ये बेशक अच्छा नहीं है लेकिन इंडियन एयरफोर्स नियम-कानून सख्त हैं। उन्हें युद्ध के दौरान दूसरे देश में पकड़े जाने के बाद वापस लौटने वाले टेस्ट से गुजरना ही होगा। इसका कोई विकल्प नहीं होगा।"

रॉ अधिकारी के मुताबिक, "निश्चित तौर पर अभिनंदन बहादुर इंसान हैं। उन्होंने पाकिस्तान के एफ-16 फाइटर जेट का सामना 1970 के दशक में बने पुराने मिग-21 लड़ाकू विमान से किया। भारतीय रक्षा संस्‍थान उनकी बहादुरी के लिए हमेशा उनका सम्मान करेगी। लेकिन उन्हें पूछताछ से कोई रियायत नहीं मिलने वाली।"

सूत्रों के अनुसार उनके मां-पिता की वाघा बॉर्डर पर ही अभिनंदन से मुलाकात हो जाएगी। लेकिन अभिनंदन अभी कुछ दिन तक घर नहीं जा पाएंगे। घर वालों से मिलने और जनता द्वारा उनका स्वागत होने के बाद एयर फोर्स के अफसर उन्हें किसी अज्ञात जगह पर ले जाएंगे।

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विंग कमांडर रिटायर एके सिंह का कहना है कि वाघा बॉर्डर से ही एयर फोर्स के अधिकारी उन्हें अपने साथ ले जाएंगे। पहले उन्हें किसी एयर फोर्स स्टेशन पर ले जाया जाएगा। दुश्मन देश से वापस आने पर नियमानुसार कुछ दिन तक पूछताछ चलती है। दुश्मन ने उनके साथ कैसा बर्ताव किया। क्या-क्या पूछने की कोशिश की। किन सवालें के जवाब दिए गए और किन सवालों पर चुप्पी साध ली। इसी तरह से कुछ और भी जरूरी कार्यवाई करनी होती है।

आपको बता दें कि 27 फरवरी को अभिनंदन अपने मिग एयर क्राफ्ट में उड़ान भर रहे थे। तभी किन्ही कारणों के चलते उन्हें विमान से इजेक्ट करना पड़ा था। पैराशूट से उतरने के चलते वह भटकते हुए पाकिस्तानी सेना के हाथ लग गए थे।

भारतीय वायु सेना के पायलट अभिनंदन वर्तमान को रिहा करने की पाकिस्तान की घोषणा के बाद भारत ने पाकिस्तान से कहा कि वह चाहता है कि पायलट को हवाई मार्ग से वापस भेजा जाए ना कि वाघा सीमा से। हालांकि देर रात पाकिस्तान ने भारत को जवाब दिया कि वह अटारी-वाघा सीमा से ही पायलट को वापस भेजेगा।

भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान भी विंग कमांडर वर्तमान को वापस लाने के लिए एक विशेष विमान पाकिस्तान भेजने पर विचार कर रहा था। वर्तमान अब वाघा सीमा से स्वदेश लौटेंगे जो पाकिस्तान के लाहौर से करीब 25 किलोमीटर दूर है।