औरंगाबाद : पुलवामा हमले में शहीद हुए महाराष्ट्र के दो सीआरपीएफ जवानों के पार्थिव शरीर शनिवार को यहां लाये गये और फिर उन्हें बुलढ़ाणा जिले में उनके मूल स्थानों को भेजा गया।

नितिन शिवाजी राठौड़ (36) और संजय सिंह दीक्षित (राजपूत) (47) के पार्थिव शरीर करीब 12 बजे चिकलनथाना लाये गये। राठौड़ बुलढ़ाणा जिले के लोनार तहसील में चोरपांगरा गांव के थे जबकि राजपूत उसी जिले के मल्कापुर के निवासी थे।

पीएम मोदी आज महाराष्ट्र दौरे पर हैं यहां उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, पुलवामा में हमारे जवानों पर आतंकवादियों के हमले को लेकर देश आक्रोशित है। एक तरफ देश गुस्से में है तो दूसरी तरफ आंख नम हैं। महाराष्ट्र की मिट्टी ने भी सपूतों को खोया है।

सीआरपीएफ के महानिरीक्षक राज कुमार ने कहा, ‘‘राठौड़ का शव सीआरपीएफ की गाड़ी से उनके गांव भेजा गया है जबकि राजपूत का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से उनके मूल पर ले जाया गया।''

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महाराष्ट्र के मंत्री बबनराव लोनिकार, सांसद चंद्रकांत खैरे, विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों, सीआरपीएफ के अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर शहीदों के पार्थिव शरीर लाये जाने के बाद उन्हें श्रद्धांजलि दी।

बड़ी संख्या में लोग भी इन दोनों शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। ये दोनों जवान सीआरपीएफ के उन 40 जवानों में शामिल थे जो बृहस्पतिवार को पुलवामा में जैश ए मोहम्मद के आत्मघाती बम हमले में शहीद हो गये थे।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने शुक्रवार को इन दोनों जवानों के परिवारों के लिए 50-50 लाख रूपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की थी।