नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने आज सीबीआई के तत्कालीन अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव और जांच एजेंसी के अभियोजन निदेशक एस भासू राम को अदालत की अवमानना का दोषी करार देते हुए उन्हें सजा के तौर पर अदालत की कार्यवाही खत्म होने तक कोर्टरूम में ही बैठे रहने का आदेश दिया।

न्यायालय ने बिहार बालिका गृह कांड की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी ए के शर्मा का तबादला एजेंसी से बाहर करके सर्वोच्च अदालत के आदेश की जानबूझकर अवमानना करने के मामले में दोनों अधिकारियों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने शर्मा का तबादला करने के मामले में राव को अवमानना नोटिस जारी किया था।

यह है पूरा मामला

आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर मामले में कोर्ट का आदेश था कि जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी एके शर्मा का ट्रांसफर बिना अदालत की इजाजत के नहीं किया जाए।

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लेकिन सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारी आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच मचे घमासान के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने सीवीसी की सिफारिश पर दोनों अधिकारियों को छु्ट्टी पर भेज दिया और रातों रात नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त कर दिया था।

इसके बाद नागेश्वर राव ने एके शर्मा समेत कई अन्य अधिकारियों का तबादला कर दिया था। इस पूरे वाक्ये को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नागेश्वर राव को फटकार लगाई थी।