जयपुर : राजस्थान में गुर्जरों का आरक्षण के लिए आंदोलन मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन के चलते गुर्जर बहुल जिलों में कई रेल व सड़क मार्ग बंद हैं। अनेक ट्रेनें रद्द कर दी गयी हैं या उनके मार्ग में बदलाव किया गया है हालांकि रविवार के बाद किसी तरह की अप्रिय घटना का समाचार नहीं है। इसी बीच खबर आ रही है कि बुधवार को सदन में नया विधेयक लाया जा सकता है।

बताया जा रहा है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में गुर्जर समुदाय की मांगों को लेकर मंत्री परिषद की बैठक हुई। कैबिनेट बैठक के बाद पूर्व मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कल विधानसभा में बड़ा निर्णय होगा। उन्होंने कहा कि बुधवार को सदन में नया विधेयक लाया जा सकता है।

मंत्री शांति धारीवाल ने बैठक के बाद कहा कि गुर्जर आरक्षण के लिए पटरी को छोड़कर बातचीत के लिए आएं। पहले भी उनकी मांगों का समाधान निकला है। इन सब तरीके से आंदोलन चलाना सही तरीका नहीं है।

वहीं खेल मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि कल (बुधवार) विधानसभा में गुर्जरों को खुशखबरी मिलेगी। विधानसभा में गुर्जरों की मांगों का समाधान हो जाएगा। कल के बाद कोई रास्ता जाम नहीं होगा, गुर्जर समाज को बड़ा फायदा मिलेगा।

वहीं गुर्जर नेता विजय बैंसला के अनुसार सरकार की ओर से बातचीत या संवाद का कोई नया संदेश नहीं आया है और गुर्जर समाज का आंदोलन जारी है। उन्होंने कहा,‘धरने पर बैठे हैं और धरना जारी रहेगा। सरकार की ओर से शनिवार के बाद कोई संदेश नहीं है।'

पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) एम एल लाठर ने बताया कि आंदोलनकारियों ने चाकसू में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 52 को भी मंगलवार को जाम कर दिया। आंदोलनकारी दौसा जिले में सिकंदरा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरूद्ध कर चुके हैं। इसके साथ ही नैनवा (बूंदी), बुंडला (करौली) व मलारना में भी सड़क मार्ग अवरूद्ध है।

इसे भी पढ़ें :

गुर्जर आंदोलन का रेलवे पर पड़ा असर, 18 ट्रेनें की गईं रद्द

टोंक जिले में कोटा जयपुर राजमार्ग को बनास पुलिया पर, लालसोट गंगापुर करौली राजमार्ग पर भी जाम किया गया है। वहीं रेलवे ने आंदोलन के कारण कई और रेलगाड़ियों को रद्द किया है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार को तीन ट्रेनें रद्द की गयीं जिनमें हजरत निजामुद्दीन-अहमदाबाद, हजरत निजामुद्दीन- उदयपुर व उदयुपर- हजरत निजामुद्दीन ट्रेनें शामिल हैं। इसी तरह दो और ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है।

उल्लेखनीय है कि गुर्जर नेता राज्य में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्‍थानों में प्रवेश के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार शाम को सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर में रेल पटरी पर बैठ गए। गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला व उनके समर्थक यहीं जमे हैं।

गुर्जर समाज सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्‍थानों में प्रवेश के लिए गुर्जर, रायका रेबारी, गडिया, लुहार, बंजारा और गड़रिया समाज के लोगों को पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। फिलहाल अन्‍य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के अतिरिक्‍त 50 प्रतिशत की कानूनी सीमा में गुर्जरों को अति पिछड़ा श्रेणी के तहत एक प्रतिशत आरक्षण अलग से मिल रहा है।