नई दिल्लीः देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न सम्मानित दिवंगत गायक भूपेन हजारिका के परिवार ने नागरिकता संशोधन विधेयक पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। भूपेन हजारिका के परिवारवालों ने इस बिल के विरोध में भारत रत्न सम्मान लौटाने का फैसला किया है। गौरतलब है कि भारत सरकार ने इसी साल 25 जनवरी को भूपेन हजारिका को देश का सर्वोच्च सम्मान देने का ऐलान किया था।

आपको बता दें कि भारत रत्न लौटाने के फैसले को लेकर दिवंगत हजारिका के परिवार वालों में मत बटे हुए हैं। जहां एक तरफ तो हजारिका के बेटे तेज हजारिका इस सम्मान को लौटाने के पक्ष में दिख रहे है।

तो वहीं दूसरी तरफ हजारिका के भाई समर इस फैसले के बिल्कुल भी समर्थन में नहीं है। उनका कहना है कि भूपेन हजारिका जैसे प्रसिद्ध व्यक्ति के लिए इस तरह से कोई भी व्यक्तिगत फैसला लेना उचित नहीं है।

क्या है नागरिकता संशोधन बिल ?

बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक, 2016 के तहत नागरिकता कानून, 1955 में संशोधन कर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर मुस्लिम धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।

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इस कानून में इन देशों से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई जो बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत आए हैं। या जिनके वैध दस्तावेजों की समय सीमा खत्म हो गई है, उन्हें भारतीय नागरिकता प्राप्त करने लायक बनाता है।

इसलिए हो रहा है विरोध !

पूर्वोत्तर के तमाम क्षेत्रीय दलों और संगठनों का मानना है कि नागरिकता संशोधन विधेयक उनकी उनकी सांस्कृतिक, भाषाई और पारंपरिक विरासत के साथ खिलवाड़ करता है। इसके साथ ही यह विधेयक धर्म के आधार पर नागरिकता देने की बात करता है, जबकि राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण यानी NRC में धर्म का कोई जिक्र नहीं। बिल के विरोध में पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में विरोध प्रदर्शन जारी है।