नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में शारदा चिटफंड घोटाले की सीबीआई जांच की निगरानी करने से सोमवार को इनकार कर दिया है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कुछ निवेशकों की याचिका को मंजूर नहीं किया।

याचिका में कहा गया था कि न्यायालय ने सीबीआई को चिटफंड घोटाले की जांच का आदेश 2013 में दिया था। इसके बावजूद जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है।

पीठ ने कहा, ‘‘हम चिटफंड घोटाले की जांच पर नजर रखने के लिए निगरानी समिति गठित करने के इच्छुक नहीं हैं।'' इससे पहले न्यायालय ने घोटाले की जांच वर्ष 2013 में सीबीआई को हस्तांतरित कर दी थी।

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दूसरी तरफ सीबीआई ने इस मामले में रविवार को कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद कुणाल घोष से अपने दफ्तर में आमने-सामने बैठा कर पूछताछ की।

राजीव कुमार से दूसरे दिन सुबह साढ़े 10 बजे पूछताछ शुरू हुई जो देर शाम तक चली। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के मुताबिक कुमार से यह पूछताछ की गई। सीबीआई की दो सदस्यीय टीम दोपहर में यहां पहुंची। इस टीम में सारदा और रोज वैली घोटालों के जांच अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि कुमार और घोष से शुरुआत में सीबीआई की 10 सदस्यीय टीम ने पूछताछ की।