अमेरिकन इंटेलिजेंस रिपोर्ट में दावा, भारत में चुनाव से पहले हो सकते हैं दंगे 

डैन कोट्स, अमेरिकी खुफिया अधिकारी: फाइल फोटो - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव होने में अब कुछ ही महीने बचे हैं। भारत में आम चुनाव से पहले अमेरिका की एक रिपोर्ट सामने आई है जो हर किसी को चौंका सकती है। अमेरिकी सीनेट को सौंपी गई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर भाजपा चुनाव से पहले हिंदू राष्ट्रवाद के मुद्दे पर जोर देती है तो भारत में सांप्रदायिक हिंसा होने की संभावना है।

इस रिपोर्ट को अमेरिकी सीनेट की सेलेक्ट कमेटी के सामने पेश किया गया है, जिसे डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस डैन कोट्स ने तैयार किया है। रिपोर्ट में लिखा गया है, "अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी हिंदू राष्ट्रवादी मुद्दों पर आगे बढ़ती है तो भारत में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले सांप्रदायिक हिंसा की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।"

आपको बता दें कि ये रिपोर्ट उस मूल्यांकन का हिस्सा है जिसमें अमेरिका की इंटेलिजेंस एजेंसियां दुनियाभर में पैदा होने वाले खतरों को मापती है। अमेरिका में हर साल की शुरुआत में वहां की सभी इंटेलिजेंस एजेंसियां एक रिपोर्ट जारी करती हैं, जिसमें दुनियाभर में होने वाली सभी घटनाओं का मूल्यांकन किया जाता है।

इस रिपोर्ट को तैयार करने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की डायरेक्टर जीना हास्पेल, एफबीआई डायरेक्टर क्रिस्टोफर रे और डीआईए के डायरेक्टर रॉबर्ट एश्ले भी शामिल हैं।

अपने लिखित बयान में डैन कोट्स ने कहा है, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल के दौरान भाजपा शासित राज्यों में सांप्रदायिक तनाव गहरा हुआ और राज्यों में कुछ हिंदूवादी नेताओं ने इसे हिंदू राष्ट्रवाद का संकेत मान अपने समर्थकों में ऊर्जा भरने के लिए छिटपुट हिंसा का सहारा लिया।"

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इस रिपोर्ट में दावा किया है कि चुनाव से पहले भारत और पाकिस्तान के संबंध भी तनावपूर्ण हो सकते हैं। कोट्स ने खुफिया मुद्दों पर संसद (सीनेट) की प्रवर समिति के सदस्यों को बताया, "पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी समूह भारत एवं अफगानिस्तान तथा अमेरिकी हितों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने एवं अंजाम देने के लिए पाकिस्तान में अपने पनाहगाहों का फायदा उठाना जारी रखेंगे।"

कोट्स और अन्य अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के प्रमुख विश्वव्यापी खतरे पर आकलन को लेकर खुफिया पर सीनेट की प्रवर समिति के समक्ष पेश हुए, जिस दौरान उन्होंने यह रिपोर्ट पेश की। वहीं दूसरी तरफ उन्होंने कहा कि भारत एवं पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रमों के निरंतर विकास एवं वृद्धि के चलते दक्षिण एशिया में परमाणु सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।

कोट्स ने अमेरिकी सांसदों को बताया कि भारत में सांप्रदायिक हिंसा की आशंका प्रबल है अगर सत्तारूढ़ भाजपा मई में आम चुनावों से पहले हिंदू राष्ट्रवादी विषय पर ही जोर देती रही। इसके अलावा उन्होंने सांसदों को बताया कि भारत एवं चीन के बीच इस वर्ष रिश्ते तनावपूर्ण रहने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि दोनों देश के बीच रिश्ते सुधारने के भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के प्रयासों के बावजूद उनके संबंधों में तनाव रहेगा। आपको बता दें कि भारत में इस साल अप्रैल-मई के महीने में आम चुनाव हो सकते हैं।

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