नई दिल्लीः दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राजद प्रमुख व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को बड़ी राहत देते हुए उन्हें आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रेगुलर बेल दे दी है।

अदालत ने लालू यादव के साथ-साथ उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी उनके बेटे तेजस्वी यादव समेत अन्य लोगों को भी आईआरसीटीसी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में रेगुलर बेल दी है।

आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पटियाला हाउस कोर्ट लालू यादव एंड फैमिली की नियमित जमानत याचिका पर आज अपना फैसला सुनाते हुए सभी को रेगुलर बेल दे दी। आपको बता दें कि पिछली सुनवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोपियों को नियमित जमानत देने का विरोध किया था। कोर्ट ने ईडी और आरोपियों का पक्ष सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

यह है पूरा मामला

यह मामला इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) द्वारा रांची और पुरी में चलाए जाने वाले दो होटलों की देखरेख का काम सुजाता होटल्स नाम की कंपनी को देने से जुड़ा हुआ है। बता दें कि विनय और विजय कोचर इस कंपनी के मालिक हैं।

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इसके बदले में कथित तौर पर लालू को पटना में बेनामी संपत्ति के रूप में तीन एकड़ जमीन मिली देने का आरोप है। इस मामले में दायर एफआईआर में कहा गया था कि लालू ने रेल मंत्री रहते इस निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया।

इसके बदले में उन्हें एक बेनामी कंपनी डिलाइट मार्केटिंग की ओर से बेशकीमती जमीन मिली। सुजाता होटल को ठेका मिलने के बाद 2010 और 2014 के बीच डिलाइट मार्केटिंग कंपनी का मालिकाना हक सरला गुप्ता से राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के पास आ गया था। बता दें कि आरोपों के चलते इस दौरान लालू रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे चुके थे।