नई दिल्ली : 2019 के लोकसभा चुनाव का बिगुल अभी बजा नहीं है लेकिन सभी दल आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारियों में जूट गई है। कांग्रेस ने जहां मोदी सरकार को मात देने के लिए प्रियंका गांधी को मैदान में उतारा है तो वहीं मोदी सरकार अपनी पांच साल की उपल्धियों को भूनाने की कोशिश करेंगे। मोदी सरकार की कुछ उपलब्धियां ऐसी है जिसके बल पर सत्ता में दोबारा आ सकती है। तो आइए जानते हैं मोदी सरकार की उपलब्धियां।

भ्रष्टाचार मुक्त सरकार :

पीएम नरेंद्र मोदी सरकार की सबसे पहली खास बात ये है कि सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार से दूर रहे हैं। जिस तरह पिछली यूपीए सरकार में 2-जी स्कैम, कोयला स्कैम, कॉमनवेल्थ स्कैम, चॉपर स्कैम, आदर्श स्कैम के आरोपों में घिरी रही, उससे उलट मोदी सरकार में भ्रष्टाचार के मामले कम आए। हालांकि राफेल मामले पर विपक्ष केंद्र सरकार को घेर रही है।

जन-धन योजना:

मोदी सरकार की दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धी जन-धन योजना है। पीएम मोदी सरकार ने साल 2014 में जन-धन योजना की घोषणा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर की थी। इस योजना का मकसद देश के हर नागरिक को बैंकिंग सुविधा से जोड़ना है और इन योजना के तहत 31.31 करोड़ लोगों को फायदा भी मिला है।

उज्जवला योजना :

यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उन परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है, जिनके पास गैस कनेक्शन नहीं था और उन्हें खाना बनाने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बीपीएल राशन कार्ड धारकों को मुफ्त में सेलेंडर दिया जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 3 करोड़ परिवार इसके लाभार्थी हैं।

डिजिटलाइजेशन :

मोदी सरकार ने पिछले पांच सालों में डिजिटलाइजेशन पर काफी जोर दिया है। इसमें मोदी सरकार की डिजिटल भुगतान को आसान बनाने बनाने वाली भीम एप भी शामिल है। इस एप के तहत पैसे सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए जा सकते हैं।

मुद्रा योजना:

प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) एक गैर-कार्पोरेट, गैर-कृषि लघु-लघु उद्यमों को 10 लाख तक की ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई योजना है।

स्वच्छता अभियान के दौरान
स्वच्छता अभियान के दौरान

स्वच्छ भारत अभियान :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत अपने कार्यकाल के पहले साल से ही की थी और उसे बड़ी कामयाबी भी मिली।

कौशल विकास :

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना कौशल विकास एवं उद्यमता मंत्रालय की ओर चलाई जाती है। इस स्कीम का उद्देश्य है देश के युवाओं को उद्योगों से जुड़ी ट्रेनिंग देना है जिससे उन्हें रोजगार पाने में मदद मिल सके।

मेक इन इंडिया:

मोदी सरकार ने भारत के निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेक इन इंडिया पहल की शुरूआत की। इसके तहत कैपिटल गुड्स के साथ नई तकनीक और आधुनिकता को बढ़ावा दिया जाता है।

तीन तलाक और हज यात्रा-

मोदी सरकार ने तीन तलाक पर ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसका लंबे समय से विरोध किया जा रहा था। तीन तलाक बिल लोकसभा में पास हो गया है लेकिन राज्यसभा में अटक गया है।

लोगों से सीधा संवाद करते प्रधानमंत्री
लोगों से सीधा संवाद करते प्रधानमंत्री

इस बार संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगे। इस बजट में मोदी सरकार अपनी पांच साल की उपलब्धियों को गिनाना शुरु करेगी। क्योंकि 2019 में लोकसभा चुनाव होने वाले है। आइए जानते हैं कि पिछले पांच बजटों में मोदी सरकार ने किन चीजों को प्राथमिकता दी।

केंद्रीय बजट 2014-15

आयकर छूट की सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी गई।

सीनियर सिटीजन के लिए इस लिमिट को 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दिया गया।

न्यूनतम मासिक पेंशन बढ़ाकर 1000 रु।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत 100 करोड़ रुपये की धनराशि से की गई जो बालिकाओं को शिक्षा और लिंगानुपात में सुधार के लिए है।

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डिजिटल इंडिया अभियान की शुरूआत

सहयोगियों के साथ प्रधानमंत्री
सहयोगियों के साथ प्रधानमंत्री

100 स्मार्ट शहरों को विकसित करने के लिए 7060 करोड़ रुपये प्रदान किए गए।

धार्मिक शहरों के लिए 'प्रसाद' और विरासत शहरों के लिए 'हृदय'का शुभारंभ।

रक्षा और बीमा में एफडीआई 49% तक बढ़ा।

उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कौशल भारत शुरू किया जाएगा।

केंद्रीय बजट 2015-16:

धन कर समाप्त कर दिया। इसके बजाय, 1 करोड़ रुपये से अधिक की वार्षिक आय के साथ सुपर रिच पर 2% अतिरिक्त अधिभार लगाया गया।

वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए हेल्‍थ इंश्‍योरेंस 20000 से बढ़ाकर 30000 करोड़ रुपये किया गया।

सेवा कर और शिक्षा उपकर 12.36% से बढ़कर 14% किया गया।

अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की घोषणा की।

2020 तक लक्षित 20,000 गांवों का विद्युतीकरण।

शहरों में 2 करोड़ घर और ग्रामीण क्षेत्रों में 4 करोड़ घर बनाए जानें का लक्ष्य।

विभिन्न राज्यों में 5 और एम्स खोलने की घोषणा।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शासन में सुधार के लिए बैंक बोर्ड ब्यूरो की स्थापना की जाएगी।

केंद्रीय बजट 2016-17:

स्वच्छ भारत के लिए 9500 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा।

महिला सदस्यों के नाम से परिवारों को प्रदान किए जाएंगे एलपीजी कनेक्शन।

एससी / एसटी समुदाय के सदस्यों के बीच उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन की घोषणा।

परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए 3000 करोड़ रुपये आवंटित।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के निर्माण के लिए कुल 97,000 करोड़ रुपये का आवंटन।

किराये के मकान में रहनेवालों को 24,000 रुपये सालाना के बजाय अब 60,000 रुपये की कर राहत। हाउस रेंट की छूट बढ़ाई गई।

नई विनिर्माण इकाइयों के लिए कारपोरेट कर की दर 25 प्रतिशत तय की गई।

केंद्रीय बजट 2017-18:

रुपये के बीच व्यक्तियों के लिए कर की मौजूदा दर। 2.5- 5 लाख रुपये को 10% से घटाकर 5% कर दिया गया है।

डिजिटल इंडिया के तहत BHIM App की घोषणा।

राजमार्गों के लिए आवंटित 64,000 करोड़।

झारखंड और गुजरात में दो और एम्स स्थापित किए जाने की घोषणा।

आईआरसीटीसी के माध्यम से बुक किए गए टिकटों पर सेवा शुल्क का उन्मूलन।

बैंकों को पुनर्पूंजीकरण के लिए 10,000 करोड़ रुपये प्रदान किए।

बजट में कृषि ऋण के लिए 10 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य

वर्ष 2025 तक टीबी समाप्त करने का लक्ष्य।

मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग 2020 तक समाप्त की जाएंगी।

दूसरी श्रेणी के शहरों में चुनिंदा हवाई अड्डों पर परिचालन शुरू होगा। इनका विकास पीपीपी मॉडल के तहत होगा।

रक्षा क्षेत्र के लिए 86,484 करोड़ रुपये के पूंजी व्यय सहित कुल 2,74,114 करोड़ रुपये का आवंटन।

पान मसाला पर उत्पाद शुल्क 6% से बढ़ाकर 9%, गैर-प्रसंस्कृत तंबाकू पर 4.2 से बढ़ाकर 8.3% किया गया।

केंद्रीय बजट 2018-19 :

एजुकेशन सेस को 3 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया गया।

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए फसलों पर डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने की घोषणा की गई।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा के तहत 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा के तहत लाने की बात कही गई।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स का प्रावधान किया गया।

एक लाख रुपये तक के निवेश पर 10 फीसदी टैक्स लगेगा।