नई दिल्ली : पटियाला हाउस कोर्ट ने आईआरटीसी मामले में शनिवार को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने लालू यादव की बेल पिटिशन पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी। लालू यादव की तरफ से नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी, जिसका सीबीआई ने विरोध किया था। बता दें कि इससे पहले कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को अंतरिम जमानत दे दी थी।

गौरतलब है कि 6 अक्टूबर को कोर्ट ने सीबीआई केस में राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और बाकी आरोपियों को जमानत दे दी थी। सीबीआई ने कोर्ट में नियमित जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि इससे जांच प्रभावित हो सकता है।

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ये है पूरा मामला

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि लालू प्रसाद और आईआरसीटीसी के अधिकारियों ने कथित तौर पर अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए पुरी और रांची स्थित रेलवे के दो होटलों के पट्टे का अधिकार (सब-लीज) कोचर सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को प्रदान किया था।

ईडी ने कहा, "इसके बदले में डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (गुप्ता परिवार के स्वामित्व वाली कंपनी) को 2005 के फरवरी महीने में प्रमुख स्थान की 358 डिसमल (3.5 एकड़) जमीन उस समय के सर्कल रेट से बहुत कम दर पर मुहैया हस्तांतरित की गई थी।"

ईडी ने कहना है कि, "कथित कंपनी ने जमीन का कीमती टुकड़ा धीरे-धीरे रावड़ी देवी और उनके पुत्र तेजस्वी को नाममात्र की कीमत पर साझेदारी में खरीद के जरिए हस्तांरित कर दिया।"

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अप्रैल में आईआरसीटीसी होटल रखरखाव मामले में 12 लोगों और दो कंपनियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।