मुंबई : महाराष्ट्र में फिर से डांस बार खोलने का मार्ग प्रशस्त करने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार इसे रोकने के लिए एक अध्यादेश लाने पर विचार कर रही है। उच्चतम न्यायालय ने डांस बार को लाइसेंस देने और उनके संचालन पर प्रतिबंध लगाने वाले 2016 के एक कानून के कुछ प्रावधानों को बृहस्पतिवार को रद्द करते हुए कहा कि इन पर ‘‘नियमन'' हो सकते है लेकिन ‘‘पूर्ण प्रतिबंध'' नहीं।

वरिष्ठ मंत्री सुधीर मुंगंतीवार ने शुक्रवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि राज्य के सांस्कृतिक तानेबाने की रक्षा करने के लिए राज्य सरकार डांस बारों को फिर से खोलने से रोकने के लिए अध्यादेश लाने पर विचार कर रही है। मुंगंतीवार ने कहा कि राज्य सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले का सम्मान करती है लेकिन वह अपने रुख पर कायम है कि डांस बार को खुलने नहीं दिया जा सकता। वित्त एवं योजना मंत्री ने बताया कि अगले सप्ताह राज्य मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक में मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

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उन्होंने कहा, ‘‘लोगों के हित में और राज्य के सांस्कृतिक तानेबाने की रक्षा के लिए हम डांस बार खुलने से रोकने के लिए अध्यादेश लाने से भी नहीं हिचकिचाएंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘एक बार जब हमें अदालत का आदेश मिल जाएगा तो हमारे वकील इसका अध्ययन करेंगे और उनकी सिफारिशों के आधार पर हम अगले दो सप्ताह में एक अध्यादेश लाएंगे जिसके तहत मौजूदा कानून में संशोधन और उसे मजबूत किया जाएगा।''

यह पूछने पर कि क्या ऐसा अध्यादेश उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करेगा, इस पर मंत्री ने कहा कि अदालत के आदेश डांस बार के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सभी दल डांस बार के खिलाफ एक कानून के लिए एक साथ आए थे। हम इस बार भी ऐसा करेंगे।''