नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण देने का अहम फैसला लिया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट ने इसकी मंजूरी भी दे दी है। हालांकि इस फैसले को लागू करने के लिए संवैधानिक संशोधन की जरूरत होगी।

इस प्रस्ताव का प्रारूप तो आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया है। विश्वस्त सूत्रों के हवाले से कुछ मापदंडों के निर्धारण की बात कही जा रही है। जिसके आधार पर तय किया जाएगा कि कौन सवर्ण पिछड़ा है और किसे आरक्षण का लाभ मिलेगा।

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ये हो सकते हैं पिछड़े सवर्ण

1. सालाना आय 8 लाख रुपए से कम, आय का निर्धारण खेती के अलावा व्यावसायिक आय को भी जोड़कर किया जाएगा।

२. खेती की जमीन पांच एकड़ से कम

3. आवासीय घर 1000 स्क्वैयर फिट से कम

4. अधिसूचित नगरपालिका क्षेत्र में 100 यार्ड से कम आवासीय जमीन

5. गैर अधिसूचित नगरपालिका क्षेत्र में 200 यार्ड से कम आवासीय जमीन

इस बारे में संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश होने की उम्मीद की जा रही है।