नई दिल्ली : जीएसटी परिषद ने शनिवार को आम लोगों को राहत देते हुए टीवी स्क्रीन, सिनेमा के टिकट और पावर बैंक सहित विभिन्न प्रकार की 33 वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कमी की घोषणा की। कर दर में संशोधन का यह निर्णय आगामी नव-वर्ष के दिन से प्रभावी होगा।

परिषद की 31वीं बैठक के बाद यहां वित्त मंत्री अरूण जेटली ने इन फैसलों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार की वस्तुओं पर जीएसटी दरें कम करने से सालाना राजस्व में 5,500 करोड़ रुपये का असर पड़ेगा।

परिषद ने जीएसटी की 28 प्रतिशत की सर्वोच्च कर के दायरे में आने वाली वस्तुओं में से सात को निम्न दर वाले स्लैब में डाल दिया है। इसके साथ ही 28 प्रतिशत के स्लैब में अब केवल 28 वस्तुएं बची हैं। जेटली ने कहा, ‘‘जीएसटी की दरों को तर्कसंगत बनाना एक सतत प्रक्रिया है।'' उन्होंने कहा, “28 प्रतिशत की दर का धीरे-धीरे पटाक्षेप हो जाएगा...अगला लक्ष्य परिस्थिति अनुकूल होने के साथ सीमेंट पर जीएसटी में कमी करना है।”

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अब 28 प्रतिशत की कर दर वाहनों के कल-पुर्जों और सीमेंट के अलावा केवल विलासिता के सामान और अहितकर वस्तुओं पर ही रह गया। वित्त मंत्री ने बताया कि सिनेमा के 100 रुपये तक के टिकटों पर अब 18 प्रतिशत की बजाय 12 प्रतिशत की दर से और 100 रुपये से ऊपर के टिकट पर 28 प्रतिशत की बजाय 18 फीसदी की जीएसटी लगेगा।

इसी तरह 32 इंच तक के मॉनिटर और टीवी स्क्रीन पर अब 28 प्रतिशत की बजाय 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। वस्तुओं पर जीएसटी की संशोधित दरें एक जनवरी, 2019 से लागू होगी।