नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा ने अहम प्रस्ताव पारित करते हुए दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी को सिख दंगों का दोषी माना। साथ ही इसके लिए दिवंगत प्रधानमंत्री को दिये गए भारत रत्न वापस लेने का प्रस्ताव पारित कर दिया।

हालांकि जानकार मानते हैं कि दिल्ली विधानसभा के इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार कतई नहीं मानेगी। साथ ही ये आप और कांग्रेस पार्टी के बीच टकराव का सबब बन सकता है।

इससे पहले हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने भी राजीव गांधी को दिए गए 'भारत रत्न' को वापस लेने और उनके नाम से देश में चल रही सभी योजनाओं से उनका नाम हटाने की मांग की।