मुंबई : पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले की चल रही जांच के दौरान सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने बुधवार को कई जगहों पर छापे मारे और आठ बैंक अधिकारियों और दो निजी कंपनियों के निदेशकों को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

ताजा मामला 9 करोड़ रुपये के घोटाले का है, जिसकी जांच के दौरान यह गिरफ्तारियां की गई है, जबकि पीएनबी में कुल 13,600 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच की जा रही है, जिसका भंडाफोड़ इस साल फरवरी में पीएनबी के ब्रैंडी हाउस शाखा में किया गया था।

सीबीआई ने बैंक के कई वर्तमान और पूर्व अधिकारियों तथा मुंबई की कंपनी मेसर्स चंद्री पेपर्स एंड एलाइड प्रोडक्ड्स के दो निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उनपर आरोप है कि उन्होंने दो एलओयू (लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग) के जरिए पीएनबी को 14,21,311.82 डॉलर या 9,09,63,956.48 रुपये का चूना लगाया।

अधिकारी ने बताया कि पीएनबी द्वारा दाखिल शिकायत के मुताबिक, ये एलओयूज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बेल्जियम के एंटवर्प स्थित शाखा के पक्ष में जारी किए गए थे। आरोपियों को मुंबई में विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 21 दिसंबर तक हिरासत में भेज दिया गया।

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गिरफ्तार आरोपियों में पीएनबी के नई दिल्ली के डीजीएम संजय कुमार प्रसाद (बैंड्री हाउस शाखा का पूर्व एमसीबी), सिंगल विंडो ऑपरेटर अमर सुखदेव जाधव, सागर दत्ताराम सावंत और मनोज हनुमंत कामत, तत्कालीन विदेशी विनिमय विभाग का मुख्य प्रबंधक बंसी तिवारी, इसी विभाग का तत्कालीन प्रबंधक यशवंत त्रिम्बक जोशी, अधिकारी प्रफुल्ल प्रकाश सावंत, और मुख्य आंतरिक लेखा परीक्षक मोहिंदर कुमार शर्मा शामिल है।

अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए निजी कंपनी के दो निदेशक - ईश्वरदास अग्रवाल और आदित्य रासिवासिया हैं।