भोपाल : मध्य प्रदेश में कमलनाथ की अगुवाई में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल में अपने अपने गुट के लोगों को शामिल कराने की नई कवायद तेज हो गयी है। कहा जा रहा है कि दिग्विजय सिंह व ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमा अपने अपने समर्थक मंत्रियों को बनवाने पर जोर दे रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, कमलनाथ के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी तय हो गया है। कमलनाथ मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह 25 दिसंबर को भोपाल के राजभवन में होने वाला है। यह कार्यक्रम दोपहर तीन बजे से शुरू होने की संभावना है।

कमलनाथ ने अपनी ताजपोशी के बाद जितनी आसानी से किसानों के ऋण को माफ करने वाली पहली फाइल साइन कर दी उतनी आसानी से वह अपनी मंत्रिमंडल नहीं चुन पा रहे हैं, क्योंकि आने वाले लोकसभा चुनावों में और बेहतर परिणाम के लिए पार्टी के सभी खेमों के साथ साथ समर्थन दे रहे दलों और निर्दलियों का भी खयाल रखना पड़ रहा है।

कमलनाथ गुरुवार को दिल्ली पहुंच गए थे और यहां सांसद सिंधिया से मंत्रिमंडल गठन को लेकर चर्चा की थी। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थकों को अपेक्षाकृत अधिक मौका मिलेगा।

पहले से ही यह अंदेशा लगाया जा रहा था कि कमलनाथ अंतिम सूची फाइनल करने के पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास एकबार फिर दिल्ली जाएंगे और पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ भी बात करेंगे और इसके बाद ही शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की घोषणा होगी।

फिर राजनीतिक गलियारों में इन नामों पर जोरदार तरीके से चर्चा है...

जीतू पटवारी, डॉ गोविंद सिंह, लक्ष्मण सिंह ( दिग्विजय सिंह के छोटे भाई), केपी सिंह व बाला बच्चन दिग्विजय सरकार के मंत्री), आरिफ अकील, पीसी शर्मा, संजय शर्मा, गोविंद राजपूत, कमलेश्वर पटेल, सचिन यादव, उमंग सिंगार और तरुण भनोट ।

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आपको बता दें कि प्रदेश में 28 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 114 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की है, जो कि बहुमत के आंकड़े 116 से दो सीटें कम है। वहीं, बीजेपी 109 सीटें हासिल कर दूसरे स्थान पर रही। प्रदेश में 2 सीटों पर बीएसपी, एक समाजवादी पार्टी और 4 पर निर्दलीयों ने विजय दर्ज की है। ऐसे में सत्तारूढ़ पार्टी को अपने दल के साथ साथ बसपा, सपा व निर्दलियों को भी साथ लेकर चलना जरूरी है।