कुंवारी लड़कियों की इस डिमांड से परेशान है उत्तर प्रदेश की पुलिस, नहीं दे पा रही जानकारी

डिजाइन फोटो  - Sakshi Samachar

लखनऊ : समय के साथ लोगों के जीने के तौर-तरीके बदलते जा रहे हैं। हर कोई अपने लिए क्या अच्छा और क्या नहीं, यह जानने के लिए नए-नए तरीके अपनाने लगे हैं। ऐसा नहीं है कि ऐसा केवल लड़के कर रहे हैं, क्योंकि लड़कियां भी उनके बेहतर जीवन के लिए एहतिहाती कदम उठाने में पीछे नहीं रही हैं।

ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम में सामने आया है। शादी से पहले लड़कियां अपने होने वाले लाइफ पार्टनर के बारे में अधिक से अधिक जानना चाहती हैं। अधिकांश लड़कियां यह बात जानने में अधिक उत्सुक होती हैं कि उसका होने वाला जीवनसाथ कैसा है, उसके रहन-सहन, उसकी क्या-क्या आदते हैं।

इसके लिए लड़कियां अब थानों में सिकायतें भी दर्ज करवा रही हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में लड़कियों ने अपने होने वाले लाइफ पार्टनर से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए करीब 10 आवेदन किए हैं। अपने आप में अनोखा नजर आने वाले इन मामलों को लेकर पुलिस परेशान है।

थाने में दाखिल एक आवेदन में लड़कियां जानना चाहती हैं कि आखिर वह जिस व्यक्ति को लाइफ पार्टनर के रूप में स्वीकार करने जा रही है, उसका बैकग्राउंड कैसा है, उसकी आफराधिक छवि तो नहीं है, क्या उसके पास पासपोर्ट है या नहीं ? अगर है तो असली या नकली ? लड़कियां लड़कों की प्रॉपर्टी भी जानना चाहती हैं।

वह जानना चाहती है कि क्या वह जिस घर में रहता है वह घर किसके नाम पर पंजीकृत है? चौंकाने वाली इस बात की है कि लड़कियों ने अपने आवेदनों में कुछ व्यक्तिगत सवाल भी पूछ हैं। लड़कियों की यदि मानें तो आज कल लड़के शादी से पहले झूठी सूचना दे रहे हैं, जिसकी वजह से शादी के बाद पति-पत्नी के रिश्तों में खटास पैदा हो रहे हैं और उनके बंधन लंबे समय तक नहीं टिक पा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें :

तेलंगाना पुलिस की ‘फेस रिकग्निशन तकनीक’ ने गुमशुदा लड़की का लगाया पता

शहर घुमाने लेकर आया जीजा, साली को पहुंचा दिया कोठे पर

अपने होने वाले जीवनसाथी के बारे में प्रार्थना पत्र थाने में दाखिल करने वाली लड़कियों से इसका कारण पूछने पर उनका कहना है कि शादी से पहले ही अगर अपने जीवनसाथ के बारे में सबकुछ जान जाएंगे, तो भविष्य में उनके रिलेशन में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आएगी। लड़कियां लड़कों के परिवार के सदस्यों के व्यवहार आदि के बारे में जानकारी हासिल करने में उत्सुकता दिखा रही हैं।

हालांकि यूपी पुलिस की मानें तो तकनीकी रूप से इस तरह के प्रार्थना पत्रों के जरिए किसी भी अंजान व्यक्ति से जुड़ा ब्यौरा नहीं दिया जा सकता, क्योंकि थर्ड पार्टी इनफॉरमेशन देना कानूनन सही नहीं है। पुलिस का कहना है कि लड़कियों को यह समझाने की कोशिश चल रही है कि इस तरह की जानकारी देना कानूनी स्तर पर तर्कसंगत नहीं है। कुल मिलाकर अपने होने वाले लाइफ पार्टनर की जानकारी हासिल करने के लिए लड़कियों द्वारा दाखिल प्रार्थन पत्रों को लेकर पुलिस परेशान है।

Advertisement
Back to Top