नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एमपी के भावी सीएम कमलनाथ पर 1984 में हुए सिख दंगो में शामिल होने के आरोपों का बचाव किया है। थरूर ने कहा कि 'कोर्ट में कमलनाथ पर दंगों में शामिल होने के आरोप साबित नहीं हुए थे, इसलिए जिस तरह पीएम नरेंद्र मोदी को गुजरात दंगे मामले में 'संदेह का लाभ' मिला था उसी तरह कमलनाथ को भी इसका फायदा मिलना चाहिए।'

असंतुलित और अप्रत्याशित आरोपों के आधार पर फैसला करना गलत : थरूर

थरूर ने यह बात इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के सदस्यों से बातचीत के दौरान कही। दरअसल कांग्रेस सांसद शशि थरूर से पूछा गया कि क्या कमलनाथ को भावी सीएम घोषित कर कांग्रेस अपने ही नैतिक मूल्यों का उल्लंघन कर रही है, क्योंकि कमलनाथ पर 1984 के सिख दंगों में शामिल होने का आरोपों है। इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि दंगों के दौरान कमलनाथ इतने पावरफुल व्यक्ति नहीं थे, जो इतने बड़े स्तर पर दंगे फैला सकें, वैसे भी "किसी भी कोर्ट को उनके खिलाफ दोषी ठहराने के लिए कोई सबूत नहीं मिला है। असंतुलित और अप्रत्याशित आरोपों के आधार पर फैसला करना गलत है।"

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जो लाभ मोदी को मिले वही कमलनाथ पर लागू हो

उन्होंने आगे कहा कि 'जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी को किसी भी अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है, उसी तरह कमलनाथ को भी दंगों में दोषी नहीं पाया गया है। इसलिए जो लाभ मोदी को मिले हैं वही कमलनाथ पर भी लागू होने चाहिए।'