भोपाल : मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान की मतगणना 11 दिसंबर को सुबह आठ बजे शुरू होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मतगणना में सबसे पहले पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्र) की गिनती होगी।

डाक मतपत्र की गणना के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अलग से एक टेबल लगाई जाएगी। इसके लिए एक सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त होगा। डाक मतपत्र की गणना में केवल वैध डाक मतों को ही शामिल किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, डाक मतपत्र की गणना प्रारंभ करने के 30 मिनट बाद ईवीएम से मतगणना प्रारंभ की जाएगी। यदि पोस्टल बैलेट की गणना ईवीएम के वोटों की गिनती के अंतिम चरण के पूर्व पूर्ण नहीं होती है तो पोस्टल बैलेट की गणना समाप्त होने के बाद ही ईवीएम की अंतिम चरण की गणना की जाएगी।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक चरण की मतगणना का परिणाम मतगणना अभिकर्ता (एजेंट) को प्रदान किया जाएगा और इसका गणना-पत्रक निर्वाचन अधिकारी की टेबल पर नियुक्त मतगणना अभिकर्ताओं (एजेंट)को दिया जाएगा।

ज्ञात हो कि, राज्य में 28 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ था। इस बार 75 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है।

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय से दी गई जानकारी के अनुसार, निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य एवं केंद्र शासन के मंत्रियों अथवा राज्य मंत्रियों को मतगणना केंद्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मंत्री केवल उस मतगणना केंद्र में प्रवेश पा सकेंगे जहां से वे स्वयं उम्मीदवार हों।

सीईओ कार्यालय के अनुसार, मंत्री के उम्मीदवार होने के बावजूद उनके साथ सुरक्षा के लिए तैनात सशस्त्र जवानों को मतगणना केंद्र के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। निर्वाचन आयोग ने अपने निर्देशों में यह भी कहा है कि केंद्र एवं राज्य शासन के मंत्री अथवा राज्य मंत्री के साथ सशस्त्र सुरक्षा जवान होते हैं इसलिए उनको किसी उम्मीदवार का चुनाव अभिकर्ता (एजेंट) या गणना अभिकर्ता (एजेंट) भी नियुक्त नहीं किया जा सकेगा।

मतगणना से पहले ईवीएम के देर से पहुंचने और कुछ स्थानों पर बिजली गुल होने की शिकायतों ने चुनाव आयोग के सामने सवाल खड़े कर दिए हैं।

-आईएएनएस