पटना: जदयू नेता प्रशांत किशोर पर पटना विश्वविद्यालय की कुछ छात्राओं द्वारा हमला किया गया। इस हंगामें में किशोर की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।

शुरुआत में खबर आई थी कि प्रशांत को मामूली चोटें आई हैं। लेकिन खुद प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर इन खबरों का खंडन किया।

दरअसल किशोर पटना विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रासबिहारी सिंह से मुलाकात करने उनके आवास पहुंचे थे। इसी बीच गैर जदयू छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कुलपति आवास पर आ जुटे। वीसी के साथ करीब चार घंटे चली बैठक के बाद प्रशांत किशोर जैसे ही बाहर निकले, तो कुछ छात्राओं ने उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया।

प्रशांत किशोर के साथ बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार के सदस्य डॉ. उदयकांत मिश्रा भी वीसी से मिलने पहुंचे थे। कुलपति डॉ. रासबिहारी सिंह ने इस मुलाकात पर कहा कि ये सामान्य मुलाकात और डिजास्टर मैनेजमेंट पर चर्चा को लेकर थी।

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वहीं पटना विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों का आरोप है कि प्रशांत किशोर छात्र चुनाव को प्रभावित करने की मंशा से वीसी से मिले थे। वहीं छात्र नेताओं ने प्रशांत किशोर की गाड़ी पर हमले में हाथ होने से इनकार किया। उनका कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने इस कृत्य को अंजाम दिया है।

हमले के तत्काल बाद हरकत में आई पुलिस ने कुछ हमलावरों को गिरफ्तार भी किया। जिनसे पूछताछ चल रही है। वीसी के आवास से प्रशांत किशोर के निकलने के बाद भी हंगामा जारी रहा। लिहाजा करीब रात भर पुलिस कुलपति आवास पर ही रही।

बता दें कि बिहार के प्रतिष्ठित पटना विश्वविद्यालय में 5 दिसंबर को छात्रसंघ का चुनाव है। ऐसे में छात्र नेता राजनीतिक नेताओं की गतिविधियों पर काफी सजग हैं। भ्रामक खबरों के आधार पर छात्र-छात्राओं ने जदयू नेता प्रशांत किशोर के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया। हालांकि पूरे घटनाक्रम पर प्रशांत किशोर की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।