सर्दियों का मौसम घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। ठंड की खासियत ही यही है कि जब तक अलग-अलग जगहों पर जाकर इसका मजा ना लिया जाए तब तक सर्दियां अधूरी ही रहती हैं। कोई दक्षिण से उत्तर की ओर जाता है तो कोई नॉर्थ से साउथ। इंडिया की खासियत ही यही है कि आपको सर्दियों में ढेर सारी ठंडी जगह मिल जाएंगी और गर्म जगह भी मिल जाएंगी। गर्मियों की तरह न तो इस मौसम में पसीने से तरबदर होने की परेशानी और ना ही बार-बार कपड़े चेंज करने की दिक्कत। तो चलिए आज हम आपको भारत की उन खास जगहों के बारे में बता रहे हैं जहां आप अपनी सर्दियां एन्जॉय कर सकते हैं।

केरल

केरल साउथ इंडिया का फेमस टूरिस्ट प्लेस है।
केरल साउथ इंडिया का फेमस टूरिस्ट प्लेस है।

केरल साउथ इंडिया का फेमस टूरिस्ट प्लेस है। कुछ सैलानियों को अपनी सर्दियों की छुट्टियां तसल्ली से कंबल में बैठकर बिताने में कोई दिलचस्पी नहीं होती। उन्हें मौसम के मिजाज़ का लुफ्त उठाने के लिए सैर-सपाटा पसंद होता है। ऐसे सैलानियों के लिए केरल से बेहतर कुछ नहीं है। यहां ना तो ज्यादा सर्दी होती है और ना ही बहुत गर्मी। इस दौरान केरल में थेक्कडी, मुन्नार, कोवलम, एलेप्पी और कुमारकोम घूमा जा सकता है।

कब जाया जाया जा सकता है

सितंबर से लेकर मार्च महीने

उदयपुर

उदयपुर एक फेमस टूरिस्ट स्पॉट है।
उदयपुर एक फेमस टूरिस्ट स्पॉट है।

उदयपुर एक फेमस टूरिस्ट स्पॉट है। यह शहर अपने असली राजपूताना शान को प्रदर्शित करता है। यहां कि खासियत ये है कि यहां दोपहर का टैम्परेचर नॉर्मल से थोड़ा ही ज्यादा रहेगा। जो सैर- सपाटे के लिए एक फिट है। नए साल पर यहां होटलों में खास आयोजन किए जाते हैं। आतिशबाजी की जाती है और गीत-संगीत के कार्यक्रम होते हैं।

कब जाया जा सकता है

सितंबर से लेकर फरवरी महीने में

गोवा

कई लोगों को ढेर सारे एडवेंचर करना काफी अच्छा लगता है। ऐसे लोगों के लिए गोवा से बेहतरीन डेस्टिनेशन हो ही नहीं सकती। यहां मौज-मस्ती की कोई कमी नहीं है। यहां के समंदर किनारे मस्ती से भरे लोग दीवाना कर देने वाला माहौल बना देते हैं। क्रिसमस और न्यू ईयर के दौरान तो यहां अलग ही माहौल रहता है।

गोवा में क्रिसमस के दौरान नजारा देखते ही बनता है।
गोवा में क्रिसमस के दौरान नजारा देखते ही बनता है।

कब जाया जा सकता है

नवंबर और दिसंबर महीने में

लक्षद्वीप

लक्षद्वीप में एक सुखद शांति का अहसास होता है। सर्दियों में टूरिस्ट्स को यहां प्राकृतिक सुषमा का अनोखा अहसास मिलता है। इंडिया के दक्षिणी-पश्चिमी छोर पर बसा लक्षद्वीप 39 छोटे-छोटे द्वीपों का समूह है। लक्षद्वीप में बंगराम के अलावा चारद्वीप इंडियन टूरिस्ट के लिए खुले रहते हैं। इन सब द्वीपों में से कावाराती डेवलप्ड द्वीप में से एक है। कहा जाता है कि इस द्वीप में काफी घनी आबादी है। यहां नारियल के बड़े-बड़े बाग हैं, जो बेहद खूबसूरत लगते हैं।

कब जाया जा सकता है

सितम्बर से मार्च महीने तक

अंडमान और निकोबार

लक्षद्वीप की तरह अंडमान में भी एक सुखद एहसास होता है।
लक्षद्वीप की तरह अंडमान में भी एक सुखद एहसास होता है।

लक्षद्वीप की तरह अंडमान में भी एक सुखद एहसास होता है। अंडमान एक छोटा-सा द्वीप है। यह टूरिस्ट्स के लिए आकर्षण का बहुत बड़ा केंद्र है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह अपने बीचेस, डाइविंग, बोट राइडिंग, के लिए दुनिया भर में फेमस है। गोवा की ही तरह आप यहां भी ठंड से बच सकते हैं।  यहां के आप कार्बिन कोव्स बीच, मैरीन अजायबघर, नृशास्त्र संग्रहालय, रॉस आइलैंड, रेडस्किन आइलैंड, लघु अंडमान, काबिन की छोटी खाडी, समुद्र तट हंफ्री जैसे टूरिस्ट प्लेस का लुत्फ उठा सकते हैं।

कब जाया जा सकता है

अक्टूबर और अप्रैल का महीना।