नयी दिल्ली: रामलीला मैदान में बृहस्पतिवार से डेरा डाले देशभर से आए हजारों किसानों ने शुक्रवार को भारी-भरकम सुरक्षा के बीच संसद की ओर मार्च शुरू कर दिया। कर्ज राहत और उपज का उचित मूल्य देने समेत उनकी कई मांगें हैं।

किसानों के मार्च की वजह से यातायात व्यवस्था जवाहरलाल नेहरू मार्ग, गुरू नानक आई हॉस्पिटल, महाराजा रंजीत सिंह फ्लाइओवर, बाराखम्बा चौक और जनपथ पर आज सुबह से प्रभावित है। राहगीरों को इन मार्गों से नहीं जाने की सलाह दी गई है। राहगीरों को परेशानियों का सामना न करना पड़े इसे सुनिश्चित करने के लिए करीब 1,000 यातायात पुलिस कर्मी रामलीला मैदान से संसद भवन के बीच तैनात किए गए हैं।

यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘ इस मार्च की वजह से कस्तूरबा गांधी मार्ग, फिरोजशाह रोड, जनपथ, मंदिर मार्ग, पंचकुइयां रोड, अशोक रोड, जय सिंह मार्ग और कनॉट प्लेस का इनर और आउटर सर्किल प्रभावित रहेगा। हमारे वरिष्ठ यातायात अधिकारी अन्य यातायात अधिकारियों के साथ इसका प्रबंधन कर रहे हैं।'' नागरिकों को यातायात से संबंधित अपडेट जानकारी के लिए दिल्ली यातायात पुलिस फेसबुक पेज, ट्विटर हैंडल, व्हाट्सऐप और ट्रैफिक हेल्पलाइन की मदद लेने की सलाह दी गई है।

मध्य और नयी दिल्ली पुलिस जिलों में 3,500 से ज्यादा कर्मी मार्च के मार्ग में तैनात हैं और विशेष व्यवस्था की गई है। वहीं उप-निरीक्षक रैंक तक के 850 पुलिसकर्मी मध्य जिले में तैनात किए गए हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश सहित देश के अन्य हिस्सों से गुरुवार को किसान रामलीला मैदान पहुंचे।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मार्च के मार्ग पर साढ़े तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि मध्य दिल्ली और नई दिल्ली पुलिस जिलों में मार्च को देखते हुए विशेष बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि उप-निरीक्षक रैंक तक के लगभग 850 पुलिसकर्मियों को मध्य जिले में तैनात किया गया है। उनके अलावा 12 पुलिस कंपनियां होंगी जिनमें से दो कंपनियां महिला पुलिसकर्मियों की होंगी।

प्रत्येक कंपनी में 75-80 पुलिसकर्मी हैं। नयी दिल्ली जिले में उप-निरीक्षक रैंक तक के लगभग 346 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। अन्य जिलों के 600 पुलिसकर्मी भी उनकी सहायता के लिए मौजूद रहेंगे। निरीक्षक से लेकर अतिरिक्त डीसीपी रैंक तक के 71 अधिकारियों के साथ-साथ नौ पुलिस कंपनियां भी मौजूद हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत देशभर से आए किसान बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान में इकट्ठे हुए थे।

दिल्ली पुलिस की पूरी कोशिश है कि उसका किसानों के साथ टकराव नहीं हो। वहीं अगर संसद की तरफ किसानों का जत्था करीब पहुंचता है तो पुलिस कार्रवाई को रोकना मुश्किल होगा। ऐसे में राजनैतिक नेतृत्व को हस्तक्षेप कर किसानों को मनाना होगा।

फिलहाल दिल्ली पुलिस के आलाधिकारी और शीर्ष नेताओं की टीम किसानों के इस विरोध मार्च पर नजर बनाए हुए हैँ। संसद मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है।

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किसानों के मार्च को लेकर दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ा है। कई जगहों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। टॉलस्टॉय मार्ग और रणजीत सिंह फ्लाइओवर पर आवाजाही प्रभावित हुई है। जिससे आम लोगों की तकलीफें बढ़ गई है।

किसान हर हाल में संसद तक मार्च करने पर आमादा हैं। जबकि दिल्ली पुलिस किसानों को रामलीला मैदान तक ही सीमित रखना चाहती है। किसानों की मांग है कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर फसलों के उचित दाम की गारंटी देने को लेकर कानून बनाया जाय। साथ ही देशभर के किसानों की एकमुश्त कर्जमाफी की घोषणा की जाय।

किसानों को उनकी मांगों पर समर्थन भी मिल रहा है। यहां तक कि पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा ने किसानों से मुलाकात कर उनकी हौसलाफजाई की। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल भी किसानों के साथ नजर आ रहे हैं।

मार्च के आयोजक अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के सदस्य योगेंद्र यादव और संयोजिक अभिक साहा ने किसानों के आंदोलन के हर हाल में शांतिपूर्ण होने की बात कही। पुलिस लगातार आयोजकों को मनाने में लगी है कि वे रामलीला मैदान में ही रैली कर लेँ।