लखनऊ : यूपी के बहराइच में इन दिनों एक चमत्कारी बाबा द्वारा किए जा रहे चौंका देने वाला अजीबो- गरीब कारनामा सामने आया है। दरअसल यह बाबा 100 फीट के पेड़ की ऊंची चोटी के ऊपर पत्तियों पर बाबा का बैठकर आसन लगाया हुआ है। बता दें कि बाबा के इस पूरे चमत्कार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

कहां की है यह घटना

खबरों के मुताबिक यह घटना बलासराय गांव की है। यहां के हनुमान मंदिर के पास लगे एक अशोक के पेड़ पर चमत्कारी बाबा का आसन लगता है। जमीन के बजाय सैकड़ों फिट ऊंचे पेड़ के पत्तियों के ऊपर अपना आसन लगाकर शयन करते हैं। सुबह वह पेड़ से नीचे उतर आते हैं।

बाबा रात में भी पेड़ की पत्तियों पर ही आराम करते दिखाई पड़ते हैं।
बाबा रात में भी पेड़ की पत्तियों पर ही आराम करते दिखाई पड़ते हैं।

बाबा के इस करतब को देख लोग हैरान हैं और उन्हें समझ ही नहीं आ रहा कि यह बाबा का कोई चमत्कार है या ईश्वरीय वरदान। आलम यह है कि लोग बाबा को ईश्वरीय अवतार मान कर पूजा अर्चना व चढ़ावा भी चढ़ाते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग बाबा को हनुमान का रूप तो कुछ लोग भगवान का दूत मानने लगे हैं।

बाबा को लोग देवदूत मानकर पूजा- अर्चना करने की बात कहने लगे हैं ।
बाबा को लोग देवदूत मानकर पूजा- अर्चना करने की बात कहने लगे हैं ।

आस पास के गाँव के लोगों से जब बाबा के बारे में जानकारी ली गई तो लोगों ने बताया कि यहाँ पर बाबा कब आए यह किसी को नहीं पता। अचानक किसी राह चलते गांव के किसी सख्श की नजर पेड़ पर पड़ी तो देखा कि कोई सख्स ऊंचे पेड़ की पत्तियों पर बहुत ही आराम से आसन लगाए बैठा है और बीच- बीच में करवटें भी बदल लेता है।

यह भी पढ़ें : VIDEO: गाय दुहते बाबा रामदेव का ये रूप नहीं देखा होगा

मीडिया के सामने नहीं आना चाहते बाबा

बताया जा रहा है कि बाबा मीडिया के सामने नही आना चाहते क्योंकि बाबा का कहना है कि मीडिया और पुलिस द्वारा उन्हें परेशान किया जाता हैं।

मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक बाबा ने बताया कि वो कश्मीर के रहने वाले हैं और यह साधना उन्हें बाल्यावस्था में ही मिली। जब बजरंगबली का आदेश होता है तो वो एक पल में 100 से 200 फीट पेड़ की पत्ती पर पहुँच जाते हैं और अपना आसन लगाते हैं।

यहां वह बजरंगबली की पूजा करते हैं लेकिन जब उन पर बजरंगबली का साया आता है तो खुद नही जान पाते कि कब, कहाँ है ,क्या कर रहे हैं। यह उन्हें लोगों से ही पता चल पाता है। उन्होंने ये भी बताया कि ये कोई तंत्र मंत्र क्रिया नही है जो कभी भी किया जा सके।