नयी दिल्ली: वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुनील अरोड़ा ने देश के अगले मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तौर पर काम-काज संभाल लिया है। उन्होंने ओ. पी. रावत की जगह ली।

केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने बीते सोमवार को ही सुनील अरोड़ा के मुख्य निर्वाचन आयुक्त बनने की घोषणा कर दी थी।

उल्लेखनीय है कि ओ पी रावत का कार्यकाल एक दिसंबर को समाप्त हुआ। अरोड़ा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1980 बैच के राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। बतौर चुनाव आयुक्त अरोड़ा की नियुक्ति 31 अगस्त 2017 को हुयी थी।

मुख्य चुनाव आयुक्त पद पर चार्ज लेते हुए सुनील अरोड़ा
मुख्य चुनाव आयुक्त पद पर चार्ज लेते हुए सुनील अरोड़ा

इससे पहले विधि मंत्रालय ने सोमवार को अरोड़ा की नियुक्ति को सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अनुसंशा के लिए राष्ट्रपति भवन भेजा था। राष्ट्रपति से अनुमोदन मिलने के बाद सुनील अरोड़ा की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई।

नीरा राडिया टेप कांड में अरोड़ा का नाम उछला था

साल 2010 में बहुचर्चित नीरा रा़डिया टेप कांड में सुनील अरोड़ा का नाम सामने आया था। आरोपों के मुताबिक नीरा राडिया से कथित तौर पर सुनील अरोड़ा ने बातचीत की थी। जिसमें अरोड़ा ने एक तत्कालीन जज का नाम लेते हुए उनपर 9 करोड़ की रिश्वत लेने की बात कही थी। दरअसल नीरा राडिया से सुनील अरोड़ा न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा कर रहे थे।

तब वरीय आईएएस अधिकारी के इस टेप ने देशभर में हंगामा बरपा दिया था। हालांकि इस मामले पर सुनील अरोड़ा के खिलाफ सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।

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राजस्थान में प्रशासनिक सेवा के दौरान विभिन्न जिलों में तैनाती के अलावा 62 वर्षीय अरोड़ा ने केन्द्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण सचिव और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया। इसके अलावा वह वित्त और कपड़ा मंत्रालय एवं योजना आयोग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवायें दे चुके हैं। वह 1993 से 1998 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री के सचिव और 2005 से 2008 तक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भी रहे।

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेहद करीबी बताए जाते हैं सुनील अरोड़ा। हालांकि उनकी राजनीतिक निष्पक्षता पर संदेह की कोई गुंजाइश नहीं है। सुनील अरोड़ा की कुल मिलाकर प्रशासनिक छवि बेदाग रही है। उनकी नियुक्ति पर राष्ट्रपति की मुहर लगनी तय मानी जा रही है।