लखनऊ : उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की आज मंगलवार को हुई बैठक में फैजाबाद मंडल का नाम अयोध्या मंडल और इलाहाबाद मंडल का नाम बदल कर प्रयागराज मंडल किये जाने के फैसले पर मुहर लगा दी गयी । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने इलाहाबाद मंडल का नाम प्रयागराज मंडल किये जाने तथा फैजाबाद मंडल का नाम अयोध्या किये जाने के फैसले को मंजूरी दे दी। खन्ना ने बताया कि प्रयागराज मंडल में प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर और प्रतापगढ़ जिले शामिल होंगे जबकि अयोध्या मंडल में अयोध्या, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर और अमेठी जिले शामिल है । यह सभी जिले पहले भी इन्ही मंडलों में शामिल थे।

गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने इलाहाबाद जनपद का नाम प्रयागराज किए जाने को चुनौती देने के मामले में राज्य तथा केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। सोमवार को न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ ने एच एस पांडेय की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को जवाब के लिए एक सप्ताह का समय दिया तथा अगली सुनवाई 19 नवंबर को नियत की।

याची ने जनपद के नाम परिवर्तन में राजस्व संहिता की धारा 6(2) का पालन न किए जाने का दावा किया है। याची का कहना है कि नाम परिवर्तन के लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किया और बिना आपत्तियां आमंत्रित किये ही जनपद का नाम बदल दिया गया। याचिका के विरोध में राज्य सरकार की ओर से दलील दी गयी कि राजस्व संहिता की धारा 6(2) में किसी राजस्व क्षेत्र की सीमाओं के परिवर्तन पर आपत्तियां आमंत्रित करने का प्रावधान है न कि नाम परिवर्तन के मामले पर। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रतिवादियों राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

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इससे पहले रविवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्‍यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सरकार द्वारा फैजाबाद और इलाहाबाद का नाम बदले जाने की कड़ी आलोचना करते हुए आज कहा कि सत्‍तारूढ़ भाजपा को अपने प्रमुख मुस्लिम नेताओं के नाम भी बदल देने चाहिये। राजभर ने ‘भाषा' से कहा था कि योगी सरकार ने फैजाबाद और इलाहाबाद जिलों के नाम यह कहते हुए बदल दिये कि उनका नामकरण मुगलों ने किया था।

भाजपा में शाहनवाज हुसैन हैं, जो पार्टी के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता हैं। मुख्‍तार अब्‍बास नकवी केन्‍द्रीय मंत्री हैं और उत्‍तर प्रदेश में मोहसिन रजा मंत्री हैं। पहले इन सबके नाम बदले जाने चाहिये। उन्‍होंने कहा कि ग्रांड ट्रंक रोड को मुस्लिम शासक शेरशाह सूरी ने बनवाया था, तो उसे भी उखाड़ दिया जाना चाहिये। भाजपा लोगों को उस पर चलने से क्‍यों नहीं रोकती..? लाल किला और ताजमहल किसने बनवाया, क्‍या इन इमारतों को भी जमींदोज किया जाएगा..? प्रदेश में भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्‍यक्ष राजभर ने कहा था कि जिलों के नाम बदलने का कोई मतलब नहीं है।

जो काम बसपा, सपा और कांग्रेस ने किया, वही काम भाजपा भी कर रही है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि सरकार शहरों का नाम बदल कर उसका श्रेय ले रही है । उन्होंने कहा था कि '' राजा हर्षवर्धन ने अपने दान से प्रयाग कुंभ का नाम किया था और आज के शासक केवल प्रयागराज नाम बदलकर अपना काम दिखाना चाहते है। इन्होंने तो अर्ध कुंभ का नाम बदलकर कुंभ कर दिया है, यह परम्परा और आस्था के साथ खिलवाड़ है ।''