लखनऊ : महाराष्ट्र के बाद अब उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में ग्रामीणों ने बाघिन को मार डाला है। बताया जा रहा है कि बाघिन द्वारा एक शख्स को चीर-फाड़ देने के बाद रविवार को ग्रामीणों ने बाघिन को पीट-पीटकर मार डाला है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के एक जंगल में पिछले दो साल के दौरान 13 इंसानों की जान ले चुकी एक अन्य बाघिन 'अवनि' को भी हाल ही में मारा गया, जिस पर काफी विवाद हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बाघिन द्वारा ग्रामीण पर हमला किए जाने के बाद गुस्साए ग्रामीण दुधवा टाइगर रिज़र्व के कोर एरिया में घुस आए। ग्रामीणों ने कथित रूप से वन विभाग के गार्डों को पीटा, उनका ट्रैक्टर छीन लिया। साथ ही 10-वर्षीय बाघिन को देखते ही न सिर्फ कुचल डाला, बल्कि उसे लाठियों से भी पीटा।

ये सभी ग्रामीण प्रोटेक्टेड टाइगर रिज़र्व के बफर जोन में बसे एक गांव के निवासी थे। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघिन ने पिछले 10 साल में कभी किसी इंसान पर हमला नहीं किया।

वन अधिकारियों ने पुलिस से ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी कहा है, जिन्होंने लुप्तप्राय प्रजाति के पशु को मार डाला।

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वहीं ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन पिछले दो सप्ताह से उनके पालतू पशुओं पर हमले कर रही थी, और वे बाघिन से डरे हुए थे। उन्होंने बताया कि वन अधिकारियों को बाघिन के परेशान करने वाले रवैये के बारे में कई बार बताया था।

रविवार को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी भी 'अवनि' की 'नृशंस हत्या' को लेकर भाजपा-नीत महाराष्ट्र सरकार पर बरसीं। उन्होंने जल्द से जल्द इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा करने की भी बात कही।

आपको बता दें कि नेशनल टाइगर कन्ज़र्वेशन अथॉरिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2014 में करवाई गई राष्ट्रव्यापी गणना के बाद भारत में बाघों की अनुमानित जनसंख्या 2,226 है।

गौरतलब है कि राज्य के वन विभागों, गैर-लाभकारी समूहों तथा वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ मिलकर अथॉरिटी हर चार साल में बाघों का राष्ट्रीय स्तर पर आकलन करती है।