मुंबई : मालेगांव ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कर्नल पुरोहित और साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी 7 पर आतंकी साजिश और हत्या के आरोप तय किए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

इससे पहले सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने विस्फोट के मामले में आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ निचली अदालत द्वारा आरोप तय करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

एनआईए ने कर्नल पुरोहित समेत सभी आरोपियों पर आतंकी साजिश रचने, हत्या और तमाम दूसरे अपराधों के तहत आरोप तय किए हैं। पुरोहित इस मामले के 7 आरोपियों में से एक हैं। हाईकोर्ट ने एनआईए के वकील संदेश पाटिल को मामले की अगली सुनवाई की तिथि 21 नवम्बर तक पुरोहित की अर्जी का एक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

हाईकोर्ट ने निचली अदालत में सुनवाई पर रोक लगाने का पुरोहित का अनुरोध अस्वीकार कर दिया। हाईकोर्ट की पीठ ने कहा था कि पूर्व में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों ने ही इस मामले की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया था।

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गौरतलब है कि उत्तर महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितम्बर 2008 को एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में विस्फोट होने से 6 व्यक्तियों की मौत हो गई थी और करीब 50 लोग घायल हो गए थे। पुरोहित के अलावा मामले में अन्य आरोपियों में प्रज्ञा सिंह ठाकुर, मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, समीर कुलकर्णी, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी और सुधाकर चतुर्वेदी शामिल हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने मामले की जांच एटीएस को सौंप दी थी। जांच में 'अभिनव भारत' संस्था का नाम आया। 24 अक्टूबर, 2008 को इस मामले में स्वामी असीमानंद, कर्नल पुरोहित सहित और साध्वी प्रज्ञा सिंह को गिरफ्तार किया गया था। तीन आरोपी फरार हो गए थे। बाद में यह जांच एनआईए को सौंप दी गई थी। जुलाई, 2009 में स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपियों पर मकोका लगा दिया था।