नई दिल्ली : सीबीआई विवाद पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि CBI इस देश की प्रतिष्ठित संस्था है। इसकी साख बनी रहे इसके लिए केंद्र सरकार तत्पर है।

उन्होंने कहा कि सीबीआई में विवाद एक असाधारण स्थिति है, इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। सीबीआई की साख बचाए रखने के लिए दोनों अधिकारियों को छुट्टी पर भेजा गया। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए दोनों को जांच से अलग करना जरूरी था।

उन्होंने विपक्ष को कहा, 'दोनों अफसरों को छुट्टी पर भेजने का विरोध कर रहे विपक्ष से मैं पूछना चाहता हूं कि क्या दोनों आरोपी अफसरों को ही जांच में शामिल करना चाहिए था?

जेटली ने कहा कि दो वरिष्ठ निदेशक पर सवाल उठे हैं। सीबीआई निदेशक ने अपने नीचे और दूसरे नंबर के अधिकारी ने निदेशक पर आरोप लगाया है। इसकी जांच कौन करेगा यह सरकार के सामने सवाल है। यह केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और न ही सरकार इसकी जांच करेगी।

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साथ ही अरुण जेटली ने कहा कि हम सीबीआई के अधिकारियों में किसी को दोषी नहीं मान रहे हैं। कानून के मुताबिक जबतक जांच पूरी न हो इसलिए अधिकारियों को बाहर कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में उनकी भूमिका पर सवाल नहीं उठता तो वह वापस अपने कार्यभार को लेंगे। लेकिन निष्पक्ष जांच के लिए जरूरी था कि जांच की अवधि तक अधिकारियों को सीबीआई से बाहर रखा जाए। इस जांच को अब स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम को दी गई है और जबतक यह एसआईटी जांच पूरी नहीं कर लेती इन अधिकारियों को सीबीआई से अलग कर दिया गया है।

अरुण जेटली ने यह भी कहा कि सीवीसी सुपरवाइजरी अथॉरिटी है और वह एसआईटी का गठन करेगी। सरकार की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है और न ही सरकार इसमें किसी भूमिका को अदा करने की दिशा में देख रही है।