नई दिल्ली : कई महिला पत्रकारों के यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर अधिकारिक विदेश दौरे से आज वापस राजधानी दिल्ली लौट आए हैं। एयरपोर्ट से निकलते वक्त जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि आरोपों पर बाद में बयान जारी करूंगा।

एमजे अकबर ने आरोपों पर अब तक अपना जवाब नहीं दिया है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी ने मामले में अब तक खामोशी अख्तियार कर रखी है वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और लगता नहीं कि मंत्री के तौर पर वह लंबे समय तक पद पर रह पाएंगे। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेना है।

पार्टी के भीतर इस तरह की भी राय है कि चूंकि उनके खिलाफ कोई कानूनी मामला नहीं है और जो आरोप उनके खिलाफ लगे हैं, वो मंत्री बनने से बहुत पहले का है। सोशल मीडिया पर मी टू अभियान के जोर पकड़ने के बीच पिछले कुछ दिनों में कई महिलाओं ने उनपर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।

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भाजपा ने मामले में चुप्पी साध रखी है लेकिन अकबर के खिलाफ लगे आरोपों पर कोई रूख अपनाए बिना कुछ महिला मंत्रियों ने मी टू अभियान को अपना समर्थन दिया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि सबसे पहले अकबर को ही आरोपों पर जवाब देना है।