नई दिल्ली: पूर्व संपादक एवं विदेश राज्यमंत्री एम.जे. अकबर के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरुवार को कहा कि 'जिन महाशय पर सवाल उठे हैं, वही इसका जवाब देने की बेहतर स्थिति में हैं।'

यौन उत्पीड़न के खिलाफ देश में बढ़ते 'मी टू' अभियान में अकबर के खिलाफ आरोपों पर प्रतिक्रिया देने वाली स्मृति ईरानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टीम की दूसरी मंत्री हैं। उनसे पहले महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने इस पर टिप्पणी की थी।

ईरानी ने कहा, "मीडिया कि सराहना करती हूं कि वे अपनी महिला सहकर्मियों के साथ खड़ा है। लेकिन मुझे लगता है जिस व्यक्ति पर सवाल उठे हैं, उसे ही इसका जवाब देना चाहिए, मुझे नहीं।"

ईरानी ने कहा कि वह मुद्दे पर लगातार और बार बार बोलती रही हैं, विशेषकर महिलाओं के आवाज उठाने को लेकर। उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न की घटनाओं को सामने लाने वाली महिलाओं का ना तो मजाक उड़ाना चाहिए और न ही उन्हें शर्मिदा किया जाना या शिकार बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, "यह उन लोगों के लिए मेरी एकमात्र अपील है, जो इस क्रोध की भावना को इंटरनेट और ऑफलाइन तरीके से बाहर निकलता हुआ देख रहे हैं।"

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कई महिला पत्रकारों द्वारा अकबर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने पर विपक्षी दलों की कड़ी अलोचना झेलने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता की यह टिप्पणी आई है। विपक्षी दलों ने अकबर को पद से हटाने की भी मांग की है।

पीयूष मिश्रा पर भी लगे सनसनीखेज आरोप

एक अखबार की पूर्व कर्मचारी ने पीयूष मिश्रा पर एक पार्टी के दौरान अपने साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया है जिसपर लेखक-निर्देशक ने कहा कि उन्होंने शायद "शराब पी रखी'' थी और अगर उनके कारण "महिला को असहज महसूस हुआ'' तो वह माफी मांगते हैं। केतकी जोशी ने फेसबुक पर लिखी एक पोस्ट में कहा कि वह 2014 में एक प्रशंसक के तौर पर एक पार्टी में मिश्रा से मिली थीं जहां मिश्रा को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। जोशी ने कहा कि "मिश्रा ने 20-25 लोगों के सामने हल्की चुहल करने लगे'' और पूरी पार्टी के दौरान शराब पीते रहे और धीरे धीरे उनपर नशा तारी होने लगा।

उसने कहा कि पार्टी खत्म होने पर जब वह मिश्रा के पास से गुजरी तब "उन्होंने मेरे हाथ पकड़ लिए और अपना हाथ मेरे हाथों पर रगड़ने लगे'' जोशी ने कहा कि मेजबान ने उसे बचा लिया लेकिन जब वह कोई चीज लाने के लिए छत पर गयी तो दोबारा ऐसा हुआ। उसने कहा, "वह (मिश्रा) अचानक से उठे और मेरी तरफ बढ़े। मुझे लग गया कि वह मुझे बांहों में भरने या गलत तरीके से छूने के लिए आगे आ रहे हैं। मैं चिल्लाकर कहा कि 'आप प्लीज बैठ जाएं।' बाकी लोगों ने मेरी आवाज सुनी और वहां पहुंच गए तथा मुझे दूर ले गए।'' जोशी ने कहा कि अगर मेजबान और दोस्त नहीं होते तो "मिश्रा निश्चित रूप से मुझे गलत तरीके से छूते या हो सकता था कि मेरा यौन उत्पीड़न करते।''

मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोप पढ़े हैं जो कुछ पत्रकारों ने उनके पास भेजे। उन्होंने कहा, "मुझे उक्त घटना याद नहीं है क्योंकि मैंने शराब पी रखी थी। लेकिन तब भी मैंने अगर अपने शब्दों या हरकतों से महिला को असहज महसूस कराया तो मैं उसके लिए माफी मांगना चाहूंगा।''

RSS ने भी मीटू मूवमेंट का किया समर्थन

आरएसएस के एक शीर्ष पदाधिकारी देश में वर्तमान में चल रहे #मी टू अभियान का वृहस्पतिवार को समर्थन करते प्रतीत हुए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने आंखी दास के फेसबुक पोस्ट को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर कर #मी टू अभियान पर अपना विचार व्यक्त किया।

दास फेसबुक की पब्लिक पॉलिसी निदेशक हैं। दास ने अपने पोस्ट में कहा था, "जिन महिला पत्रकारों ने अपने उत्पीड़न के बारे में बताया था उनके समर्थन के लिए #मी टू की जरूरत नहीं है। आपको महिला होने की भी जरूरत नहीं है। आपको महज इतना संवेदनशील होने की जरूरत है कि क्या सही है और क्या गलत है।''

होसबोले ने उनके पोस्ट को ट्वीट किया और कहा, "मैंने इसे लाइक किया। उन्होंने वहीं लिखा है जो मैं महसूस कर रहा था।'' उनका बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। कुछ महिला पत्रकारों ने विदेश राज्यमंत्री अकबर पर दो अखबारों का संपादक रहने के दौरान यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।